दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय हड़कंप मच गया जब ज्यूरिख जा रही एक स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट टेकऑफ के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। उड़ान भरते ही विमान के एक इंजन में अचानक खराबी आ गई और उसमें आग लगने की खबर सामने आई। घटना के वक्त विमान में कुल 232 यात्री सवार थे, जिनमें 4 नवजात बच्चे भी शामिल थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही विमान ने रनवे पर रफ्तार पकड़नी शुरू की, कुछ ही सेकंड बाद इंजन से असामान्य आवाज आने लगी और धुआं उठता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए टेकऑफ प्रक्रिया को रोक दिया और विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर ही नियंत्रित कर लिया। पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित कर दी गई। फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया और 6 लोग हल्के रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया।
यात्रियों ने बताया कि अचानक हुए इस घटनाक्रम से विमान के अंदर दहशत फैल गई थी। कई लोग घबरा गए और अपनी सीट छोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन केबिन क्रू ने स्थिति को संभालते हुए सभी को शांत रहने की अपील की और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की।
प्रारंभिक जांच में इंजन फेल होने की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है, हालांकि एयरलाइंस और विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित विमान को फिलहाल सर्विस से हटाकर उसकी गहन तकनीकी जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पायलट और क्रू की तत्परता और प्रशिक्षण के कारण ही ऐसी स्थितियों में बड़े हादसों को टाला जा सकता है।
फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और एयरलाइंस द्वारा उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए उनके गंतव्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह घटना भले ही भयावह थी, लेकिन समय रहते उठाए गए कदमों ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।







