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April 17, 2026 9:24 pm

राजस्थान में जनगणना का कार्य 16 मई से शुरू, प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की होगी

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करीब 1 लाख 60 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक, घर-घर जाकर पूछेंगे 33 प्रश्न

जयपुर। राज्य में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण अर्थात2 मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 के मध्य करवाया जाएगा। यह जानकारी जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (HLO)” को पूर्णतः डिजिटल और सहभागी बनाने की दिशा में भारत सरकार द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा प्रदान की गई है। ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) पोर्टल का उपयोग 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक डेस्कटॉप अथवा स्मार्टफोन के माध्यम से किया जा सकेगा। संबंधित पोर्टल का पता https://se.census.gov.in है।
मल्लिक ने जानकारी देते हुए कहा कि स्व-गणना सुविधा का उद्देश्य कार्यरत, व्यस्त अथवा सुविधा अनुसार स्वयं विवरण उपलब्ध कराने के इच्छुक परिवारों को डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी भरने का अवसर प्रदान करना है। तथापि, यह स्पष्ट किया जाता है कि स्व-गणना किए जाने के उपरांत भी संबंधित प्रगणक द्वारा फील्ड स्तर पर सत्यापन एवं डाटा जांच की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से संपादित की जाएगी।

साइबर सुरक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक ने आमजन को ध्यान रखने के लिए कहा कि वे स्व-गणना पोर्टल पर जाने के लिए निर्धारित वेब एड्रैस का उपयोग ही करें, किसी सर्च इंजन की सहायता से न जाएं, https तथा .gov.in पर विशेष ध्यान दें। लॉग इन करते समय आपके पास ओटीपी आएगा उसे किसी से साझा न करें। स्व-गणना डेटा के सत्यापन के लिए आने वाले प्रगणक अथवा जनगणना विभाग द्वारा भी आप से ओटीपी नहीं मांगा जाएगा, न ही कोई लिंक उपलब्ध करवाया जाएगा। स्वगणना हेतु SE ID तथा OTP संदेश के लिए ध्यान दें कि वे RGICEN से प्राप्त होंगे।
राजस्थान में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के फील्ड कार्य में करीब 1 लाख 60 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक, सम्पूर्ण राजस्थान में घर-घर जाकर जनगणना के अधिसूचित प्रश्नों के डेटा संग्रहण का कार्य करेंगें। राज्य सरकार द्वारा 29 जनवरी 2026 को जनगणना के प्रथम चरण में पूछे जाने वाले प्रश्नों (कुल 33) “की अधिसूचना जारी की गई है।
मल्लिक ने बताया कि मकानसूचीकरण कार्य के अंतर्गत राज्य के समस्त भवनों, जनगणना मकानों एवं परिवारों की पहचान कर उनका व्यवस्थित सूचीकरण किया जाएगा, साथ ही प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर मकान की स्थिति, परिवार को उपलब्ध सुविधाएँ एवं परिवार द्वारा धारित परिसंपत्तियाँ, परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाएंगे।

उपरोक्त महत्वपूर्ण सूचनाओं के आंकड़े प्राप्त करने के साथ साथ, जनगणना के प्रथम चरण “मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO)” का उद्देश्य आगामी जनसंख्या गणना हेतु एक सम्यक एवं विश्वसनीय मास्टर फ्रेम तैयार करना है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनगणना के द्वितीय चरण- जनसंख्या गणना (PE) चरण में कोई भी व्यक्ति अथवा परिवार गणना से वंचित न रह जाए।

मल्लिक ने बताया कि जनगणना के सफल क्रियान्वयन हेतु विभिन्न स्तरों पर बहुस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। फील्ड कार्य में डेटा संग्रहण की प्रक्रिया एवं गुणवत्ता के लिए रखी जाने वाली सावधानियों के लिए प्रथम स्तर पर 103 मास्टर ट्रेनर्स का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण 7 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया। इन मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा 41 जिलों एवं 10 नगर निगमों में 2550 फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्रगति पर है। इन फील्ड ट्रेनर्स के द्वारा 01 मई से 15 मई 2026 के मध्य 1.6 लाख प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को तहसील, नगर परिषद एवं नगर पालिका स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा।

मल्लिक ने बताया कि जनगणना 2027 को आधुनिक एवं डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (Census Management & Monitoring System CMMS) पोर्टल, मकानसूचीकरण ब्लॉक निर्माण (HLBC) वेब पोर्टल एवं मकान सूचीकरण ऐप (HLO app) विकसित किए गए हैं। CMMS पोर्टल का उपयोग चार्ज अधिकारियों (तहसीलदार/आयुक्त नगर परिषद/अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/उपायुक्त नगर निगम) द्वारा सम्पूर्ण जनगणना कार्य की योजना बनाने, फील्ड कार्य की लगभग वास्तविक समय पर निगरानी करने तथा आंकड़ों की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए किया जायेगा। HLBC वेब पोर्टल के माध्यम से जनगणना कार्य की सबसे छोटी कार्यात्मक इकाई मकानसूचीकरण ब्लॉक को जियो टैगिंग करने तथा सैटेलाइट इमेज पर सीमांकन करने के लिए किया जायेगा जबकि HLO मोबाइल एप का उपयोग प्रगणकों/पर्यवेक्षकों द्वारा अपने मोबाइल उपकरण के माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण के लिए किया जाएगा।
जनगणना 2027 को सफल बनाने में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर बल् देते हुए मल्लिक ने कहा कि सामान्य जन से अपेक्षा की जाती है कि वे जनगणना कार्य में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सही, पूर्ण तथा तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएँ। उन्होंने कहा कि नागरिकों से यह भी अनुरोध है कि वे अपने निवास पर आने वाले प्रगणक से उनका अधिकृत परिचय-पत्र देखने के उपरांत ही जानकारी साझा करें। परिचय पत्र में QR code भी अंकित किए गए हैं जिसे स्कैन कर प्रगणक की जानकारी की पुष्टि की जा सकती है। जनगणना के दौरान प्राप्त समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय प्रयोजनों के लिए किया जाएगा।

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