Explore

Search

April 18, 2026 8:30 pm

जिम्मी मगिलिगन की पुण्य स्मृति में सस्टेनेबल वीक की शुरुआत, सोलर कुकिंग फूड फेस्टिवल बना आकर्षण

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

इंदौर के सनावदिया गांव में सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की शुरुआत हुई। स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन की 15वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर ‘जिम्मी और जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ द्वारा 15 से 21 अप्रैल तक सस्टेनेबल डेवलपमेंट वीक का आयोजन किया जा रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत सोलर कुकिंग फूड फेस्टिवल से हुई, जिसने पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक भागीदारी का सुंदर संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गिरिदर्शन स्थित निवास पर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल में हुआ। गुरुकुल के शिष्यों की ईश वंदना, बहाई प्रार्थनाएं और सामूहिक प्रार्थना ने पूरे वातावरण को शांत और सकारात्मक बना दिया। फाउंडेशन के ट्रस्टी वीरेंद्र गोयल ने ‘ओम’ के उच्चारण के साथ सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस आयोजन की खास बात रही सोलर कुकिंग फेस्टिवल, जिसमें इंदौर, महू और आसपास के गांवों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गिरिदर्शन परिसर सोलर कुकरों से सजा नजर आया और लगभग 30–35 प्रतिभागियों ने सोलर कुकिंग का प्रशिक्षण लिया। कई लोगों के लिए यह पहला अनुभव था, जिसने उन्हें नई तकनीक से जोड़ने का अवसर दिया।

कार्यक्रम के दौरान सोलर कुकर में 15 से अधिक प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए, जिनमें कढ़ी, इडली, पुलाव, खिचड़ी, खीर, केक और रबड़ी जैसे स्वादिष्ट पकवान शामिल थे। ऑर्गेनिक मिलेट्स और मलबरी जैम के साथ इन व्यंजनों का सामूहिक आनंद लिया गया, जिससे यह आयोजन एक उत्सव में बदल गया।

इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सोलर इंजीनियर दीपक गढ़िया, सोलर कुकिंग विशेषज्ञ डॉ. अजय चांडक और श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. योगेश गोस्वामी ने सोलर ऊर्जा के महत्व और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच इसके उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा एक टिकाऊ समाधान है, जिसे अपनाना समय की मांग है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन सोलर तकनीक के क्षेत्र में एक बड़े नवप्रवर्तक थे, जिन्होंने अपने हाथों से कई प्रकार के सोलर कुकर और सोलर किचन विकसित किए। हालांकि इस तकनीक को अपेक्षित सरकारी समर्थन नहीं मिला, लेकिन पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन लगातार इस मिशन को आगे बढ़ा रही हैं और युवाओं को इससे जोड़ रही हैं।

कार्यक्रम में सोलर पैनलों और विभिन्न सोलर उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही प्रतिभागियों को सोलर कुकिंग की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

इस आयोजन में शामिल नित्या ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सोलर कुकर में इमली पुलाव बनाना उनके लिए एक खास और जादुई अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ खाना बनाने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सीखने, साथ जुड़ने और खुशियां बांटने का एक माध्यम था।

कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ट्रस्टी अनुराधा दुबे ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पूरे सप्ताह सोलर इनोवेशन, जल संरक्षण, ऑर्गेनिक जीवनशैली और ग्रीन इंडिया में विश्वविद्यालयों की भूमिका जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सस्टेनेबल जीवनशैली की ओर एक मजबूत कदम है, जो समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने का संदेश देता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर