नोएडा में हाल ही में हुए हिंसक बवाल को लेकर अब सियासी और जांच एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस पूरे मामले को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ हो सकता है और पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
मंत्री के अनुसार, शुरुआती जांच में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे यह शक पैदा हुआ है कि बवाल अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे पहले से योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रही है और सभी संभावित कड़ियों की गहन जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए थे, जिसके बाद कई जगहों पर हिंसा, तोड़फोड़ और झड़प की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा था और कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
श्रम मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मजदूरों के मुद्दों का फायदा उठाकर माहौल को खराब करने की कोशिश की। उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, जांच एजेंसियां सोशल मीडिया, कॉल डिटेल्स और संदिग्ध गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस हिंसा को बाहर से संचालित तो नहीं किया गया। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।
हालांकि, विपक्ष ने इस बयान पर सवाल उठाते हुए इसे मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि सरकार को मजदूरों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, बजाय इसके कि वह बाहरी साजिश का हवाला दे।
फिलहाल, नोएडा में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस मामले ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला सकते हैं।







