कानपुर से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता पर अपनी ही बेटी की बलि देने की कोशिश करने का आरोप लगा है। समय रहते ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के चलते मासूम की जान बच गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, घटना नहर किनारे की है, जहां से अचानक एक बच्ची की चीख सुनाई दी। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े और वहां का नजारा देख कर सन्न रह गए। आरोप है कि पिता किसी तरह की धार्मिक या अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधि के तहत अपनी बेटी की बलि देने की कोशिश कर रहा था।
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया।
मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि आरोपी ने इस घटना से पहले करीब 75 हजार रुपये खर्च कर कपड़े और झूला खरीदा था, जिसे इस कथित अनुष्ठान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
परिवार के लोगों का कहना है कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और उसकी मानसिक स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं थी। पुलिस भी इस एंगल पर जांच कर रही है और आरोपी की मेडिकल जांच कराई जा रही है, ताकि उसकी मानसिक स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और बच्ची की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की ओर ध्यान खींचती है। समय रहते ग्रामीणों की बहादुरी से एक मासूम की जिंदगी बच गई, लेकिन इस घटना ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।







