कानपुर: मात्र 50 हजार रुपये के भुगतान विवाद ने कानपुर में चल रहे भयानक किडनी रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मल्टी-करोड़ रुपये वाले ऑर्गन माफिया का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रैकेट के जरिए गरीबों और जरूरतमंद युवाओं से किडनी खरीदी जाती थी और अमीर मरीजों को 60 लाख रुपये तक में बेची जाती थी।
पुलिस ने अब तक 5 डॉक्टरों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार 4 अन्य डॉक्टरों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जांच टीम दिल्ली-NCR समेत अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर रही है क्योंकि रैकेट का नेटवर्क меж-राज्यीय स्तर पर फैला हुआ है।
रैकेट कैसे चला?
- खरीद-बिक्री का खेल: डोनर्स (किडनी देने वाले) को मात्र 6 से 10 लाख रुपये दिए जाते थे, जबकि रिसीवर (किडनी लेने वाले) से 60 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
- अस्पतालों का रोल: कानपुर के कल्यानपुर इलाके में आहूजा हॉस्पिटल, प्रिया हॉस्पिटल और मेड लाइफ हॉस्पिटल में बिना उचित दस्तावेजों के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किए जा रहे थे।
- गिरफ्तार आरोपी: डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा और उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा (डॉक्टर कपल), डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह और एंबुलेंस ऑपरेटर शिवम अग्रवाल।
- कैसे पकड़ा गया?: एक एमबीए छात्र (डोनर) को 50 हजार रुपये कम दिए जाने पर उसने पुलिस में शिकायत कर दी, जिससे पूरा मामला सामने आया।
पुलिस की कार्रवाई
- कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त टीम ने छापेमारी की।
- अस्पतालों से दवाइयां, नकदी और दस्तावेज बरामद किए गए।
- दिल्ली-NCR में डेरा: पुलिस को आशंका है कि फरार डॉक्टर दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और अन्य शहरों में छिपे हो सकते हैं। कई टीमों को इन इलाकों में भेजा गया है।
- वित्तीय जांच: बैंक खातों, प्रॉपर्टी और विदेशी लेनदेन की भी जांच शुरू कर दी गई है।
- अब तक 40 से 50 अवैध ट्रांसप्लांट का आंकड़ा सामने आया है, जिसमें विदेशी मरीज भी शामिल हो सकते हैं।
आगे क्या?
पुलिस ने थाना रावतपुर में ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फरार डॉक्टरों रोहित उर्फ राहुल, अनुराग उर्फ अमित, अफजल और वैभव की तलाश जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह मामला मेडिकल क्षेत्र में गहरी सड़ांध को उजागर करता है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।







