जयपुर, 1 अप्रैल 2026 — राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात ब्यूरोक्रेसी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया। एक साथ 65 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए गए, जिसमें 25 जिलों के कलेक्टर बदले गए। इस रीशफल में सबसे ज्यादा चर्चा IAS डाबी बहनों — टीना डाबी और रिया डाबी — की नई पोस्टिंग को लेकर हो रही है।
टीना डाबी (2015 बैच), जो अभी तक बाड़मेर जिले की कलेक्टर थीं, अब टोंक जिले की जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट बनाई गई हैं। उनकी छोटी बहन रिया डाबी को उदयपुर जिला परिषद की CEO से हटाकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में OSD (Officer on Special Duty) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
CMO में भी बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय में भी भारी फेरबदल हुआ है।
- जितेंद्र कुमार सोनी को जयपुर कलेक्टर के पद से हटाकर मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
- CMO की पूरी टीम में बदलाव किया गया है, जिसमें कई स्पेशल सेक्रेटरी और OSD शामिल हैं।
- संदेश नायक को नया जयपुर जिला कलेक्टर बनाया गया है।
अन्य प्रमुख तबादले
- निशांत जैन — बीकानेर जिले के कलेक्टर
- रविंद्र गोस्वामी — पाली जिले के कलेक्टर
- आशीष मोदी — सीकर जिले के कलेक्टर
- डॉ. मंजू — चित्तौड़गढ़ जिले की कलेक्टर (श्रीगंगानगर से ट्रांसफर)
- कई अन्य जिलों जैसे जोधपुर, उदयपुर, नागौर, करौली, दौसा आदि में भी नए कलेक्टर नियुक्त किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों का तबादला मंत्री या स्थानीय नेताओं से विवाद के बाद किया गया है। लंबे समय से एक जगह पर तैनात अधिकारियों को भी बदला गया है।
डाबी बहनों पर क्यों चर्चा?
टीना डाबी UPSC 2015 की टॉपर रही हैं और राजस्थान में उनकी कार्यशैली को लेकर हमेशा चर्चा रहती है। बाड़मेर (सीमावर्ती जिला) से टोंक (सचिन पायलट का गृह क्षेत्र) में उनका ट्रांसफर कई सवाल खड़े कर रहा है। वहीं रिया डाबी को CMO में लाकर सरकार ने उन्हें करीब लाया है। दोनों बहनों की नई जिम्मेदारियां उन्हें और मजबूत पोजीशन में ला रही हैं।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक फेरबदल बताया है। दोपहर के बाद जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इस रीशफल से राज्य के विकास कार्यों में नई गति आने की उम्मीद है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत (1 अप्रैल) पर ऐसे बड़े तबादले आम हैं, लेकिन इस बार CMO और डाबी बहनों की पोस्टिंग ने इसे खास बना दिया है। कुछ का कहना है कि यह सरकार की प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय संतुलन को दर्शाता है।
अभी देखना बाकी है कि नए कलेक्टर अपने जिलों में कितनी तेजी से काम शुरू करते हैं। खासकर टोंक और अन्य महत्वपूर्ण जिलों में विकास योजनाओं पर नजर रहेगी।
यह फेरबदल राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में नई ऊर्जा भरने वाला साबित हो सकता है।







