कोच्चि, 1 अप्रैल 2026 — पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध की छाया के बीच एक दर्दनाक खबर सामने आई है। कुवैत से 20 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात एक विशेष उड़ान से केरल के कोच्चि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंच गए। कुवैत एयरवेज की फ्लाइट KU5632 कोलंबो होते हुए कोच्चि पहुंची। इस फ्लाइट में कोई यात्री नहीं था — केवल 20 ताबूत लादे गए थे।
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि विमान के उतरते ही सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया। केरल के कोझिकोड, अलाप्पुझा और कोट्टायम जिलों से ज्यादातर शव हैं, जबकि कुछ तमिलनाडु के निवासियों के भी शामिल हैं। कुछ शवों को सड़क मार्ग से तमिलनाडु भेजने की व्यवस्था की गई है।
क्या है पूरा मामला?
ये 20 भारतीय पिछले कुछ दिनों में कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके थे। मौतों का युद्ध या ड्रोन हमले से सीधा संबंध नहीं बताया गया है। ज्यादातर मौतें सामान्य घटनाओं — जैसे दुर्घटना, बीमारी या अन्य कारणों — से हुईं। हालांकि, एक रिपोर्ट में एक भारतीय की मौत ड्रोन हमले में होने का भी जिक्र है।
पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका संबंधित) में चल रहे संघर्ष के कारण उड़ान सेवाओं में भारी व्यवधान पैदा हो गया था। एयरस्पेस प्रतिबंध, फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव और लॉजिस्टिक दिक्कतों की वजह से इन शवों की स्वदेश वापसी में काफी देरी हुई। भारतीय दूतावास (MEA) और कुवैत प्रशासन के समन्वय से अब ये शव एक साथ विशेष फ्लाइट से लाए गए हैं।
परिवारों पर टूटा दुख
कोच्चि एयरपोर्ट पर जब ताबूत उतरे तो माहौल मातम में बदल गया। कई परिवार सदस्य एयरपोर्ट पर मौजूद थे और रो-रोकर बुरा हाल था। शवों को एंबुलेंस से उनके गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। केरल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पूरे सहयोग का भरोसा दिया है।
पृष्ठभूमि: खाड़ी में भारतीय प्रवासी
कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में लाखों भारतीय मजदूर काम करते हैं। ये ज्यादातर निर्माण, सेवा क्षेत्र और अन्य नौकरियों में लगे रहते हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण न केवल नई उड़ानें प्रभावित हुईं, बल्कि पहले से फंसे शवों की वापसी भी मुश्किल हो गई।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले भी बताया था कि खाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में कई भारतीयों की मौत हुई है और एक व्यक्ति लापता भी है। इस बार 20 शवों की एक साथ वापसी ने प्रवासी भारतीयों की मुश्किलों को फिर से उजागर कर दिया है।
आगे क्या?
- सभी शवों को संबंधित परिवारों को सौंप दिया गया है।
- पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पहले ही कुवैत में पूरी हो चुकी थीं।
- यदि स्थिति सामान्य हुई तो आगे भी ऐसी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विदेश में काम करने वाले भारतीय मजदूर कितने जोखिमों से घिरे रहते हैं, खासकर जब क्षेत्र में युद्ध या तनाव की स्थिति हो।







