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March 25, 2026 6:16 pm

24 अकबर रोड पर लगेगा ताला? कांग्रेस और यूथ कांग्रेस को 28 मार्च तक ऑफिस खाली करने का आदेश

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कांग्रेस पार्टी को उसके ऐतिहासिक मुख्यालय 24 अकबर रोड से बेदखली का बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय संपदा विभाग (Directorate of Estates) ने पार्टी को और भारतीय युवा कांग्रेस (Indian Youth Congress) को 28 मार्च 2026 (शनिवार) तक दोनों परिसर पूरी तरह खाली करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।

यह नोटिस कुछ दिन पहले जारी हुआ था और आज कांग्रेस सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। 24 अकबर रोड कांग्रेस का राष्ट्रीय मुख्यालय 1978 से रहा है – यानी पूरे 48 वर्ष तक। वहीं, युवा कांग्रेस का दफ्तर 5 रायसीना रोड पर है। दोनों जगहों पर अब ताला लगने की तैयारी नजर आ रही है।

क्यों आया यह नोटिस?

कांग्रेस ने जनवरी 2025 में अपना नया मुख्यालय इंदिरा भवन (9A, कोटला मार्ग) में शिफ्ट कर लिया था। इसके बावजूद पार्टी पुराने 24 अकबर रोड वाले परिसर को अभी तक पूरी तरह खाली नहीं कर पाई थी। एस्टेट विभाग का कहना है कि अब यह अंतिम नोटिस है और नियम के अनुसार खाली करना अनिवार्य है।

साथ ही युवा कांग्रेस के 5 रायसीना रोड वाले ऑफिस को भी खाली करने का निर्देश दिया गया है। अगर कांग्रेस समय पर परिसर नहीं छोड़ती तो जबरन बेदखली की कार्रवाई हो सकती है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने इस नोटिस को “राजनीतिक रूप से प्रेरित और गैर-कानूनी” बताया है। वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पार्टी कानूनी विकल्प तलाश रही है और कोर्ट में स्टे (रोक) की याचिका दायर करने की तैयारी में है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में पार्टी की मौजूदगी खत्म करने की यह कोशिश है। पार्टी नेता पवन खेड़ा और अन्य नेताओं ने भी इस कदम की निंदा की है। कांग्रेस का तर्क है कि नया भवन बनने के बावजूद कुछ कामकाजी जरूरतों के कारण पुराना परिसर अभी उपयोग में था।

24 अकबर रोड का ऐतिहासिक महत्व

  • 1978 से कांग्रेस का मुख्यालय रहा यह बंगला पार्टी के उतार-चढ़ाव का गवाह रहा।
  • इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कई बड़े फैसले यहीं से लिए गए।
  • यह लुटियंस दिल्ली का प्रमुख प्रतीक रहा, जहां से कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति संचालित होती थी।

अब नया पता इंदिरा भवन, 9A कोटला मार्ग है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। लेकिन पुराने पते का भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व पार्टी के लिए बहुत बड़ा है।

आगे क्या होगा?

  • 28 मार्च तक अगर कांग्रेस ऑफिस खाली नहीं करती तो एस्टेट विभाग जबरन बेदखली की कार्रवाई कर सकता है।
  • कांग्रेस कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। कई नेता इसे “विपक्ष को दबाने की साजिश” बता रहे हैं।
  • राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम कांग्रेस को और कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

यह घटना राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है और आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट तक जा सकती है। कांग्रेस के पुराने मुख्यालय पर ताला लगना या नहीं – यह अब कानूनी लड़ाई पर निर्भर करेगा।

नोट: कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि पार्टी मोहलत मांग सकती है या कानूनी रास्ता अपनाएगी।

अगर आपको इस खबर पर कांग्रेस या भाजपा के किसी नेता की प्रतिक्रिया, कोर्ट अपडेट या और विस्तार चाहिए तो बताएं। यह मुद्दा आज पूरे राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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