अक्सर हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या को केवल महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि पुरुषों में भी हार्मोन का असंतुलन तेजी से बढ़ रहा है। खराब लाइफस्टाइल, तनाव, नींद की कमी, गलत खान-पान और बढ़ता वजन पुरुषों के हार्मोन स्तर को प्रभावित कर सकता है। समय रहते इसके संकेतों को पहचानना जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक हार्मोनल गड़बड़ी रहने से कमजोरी, मानसिक तनाव, यौन समस्या और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार पुरुषों के शरीर में मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बिगड़ने पर कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यदि इन संकेतों को नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर डायबिटीज, थायरॉयड, मोटापा और हृदय रोग जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
पुरुषों में हार्मोनल इंबैलेंस के 12 संकेत
-
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
-
वजन तेजी से बढ़ना या कम होना
-
मांसपेशियों में कमजोरी
-
नींद ठीक से न आना
-
चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग
-
बालों का झड़ना
-
यौन इच्छा में कमी
-
याददाश्त कमजोर होना
-
पेट के आसपास चर्बी बढ़ना
-
पसीना ज्यादा आना
-
ध्यान लगाने में परेशानी
-
बार-बार तनाव या उदासी महसूस होना
डॉक्टरों का कहना है कि अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो बिना देरी किए जांच करवानी चाहिए। सही समय पर टेस्ट कराने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
ये 9 मेडिकल टेस्ट कराना हो सकता है जरूरी
-
टेस्टोस्टेरोन लेवल टेस्ट
-
थायरॉयड प्रोफाइल टेस्ट
-
ब्लड शुगर टेस्ट
-
विटामिन D टेस्ट
-
विटामिन B12 टेस्ट
-
लिपिड प्रोफाइल
-
लिवर फंक्शन टेस्ट
-
किडनी फंक्शन टेस्ट
-
CBC (Complete Blood Count)
क्यों बढ़ रहा है पुरुषों में हार्मोनल इंबैलेंस
विशेषज्ञों के अनुसार आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फास्ट फूड, देर रात तक जागना, मोबाइल-लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी हार्मोन बिगड़ने के मुख्य कारण हैं। इसके अलावा बढ़ता मोटापा और शराब-सिगरेट का सेवन भी हार्मोन स्तर को प्रभावित करता है।
कैसे रखें हार्मोन संतुलित
डॉक्टर सलाह देते हैं कि रोजाना व्यायाम करें, संतुलित आहार लें, पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें। समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने से हार्मोनल समस्या को शुरुआती दौर में ही पकड़ा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों को भी अपनी सेहत को लेकर उतना ही जागरूक होना चाहिए जितना महिलाएं रहती हैं। शरीर में दिखने वाले छोटे-छोटे बदलाव कई बार बड़ी बीमारी का संकेत हो सकते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।






