भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए क्षेत्र के रातल्या गांव में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। गांव के लोगों ने बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने और उनकी जान बचाने के लिए हजारों परिंडे लगाने का संकल्प लिया है। इस अभियान के तहत पूरे गांव और आसपास के इलाकों में करीब पांच हजार परिंडे लगाए जाएंगे, ताकि गर्मी के दिनों में पक्षियों को पानी की कमी से जूझना न पड़े।
गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर इस अभियान की शुरुआत की है। उनका कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में पक्षी पानी की कमी के कारण परेशान हो जाते हैं। कई बार पानी न मिलने से उनकी जान भी चली जाती है। इसी को देखते हुए इस बार गांव के लोगों ने पहले से तैयारी करते हुए बड़े स्तर पर परिंडे लगाने का फैसला किया।
अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि परिंडे गांव के घरों, पेड़ों, मंदिरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। साथ ही यह भी जिम्मेदारी तय की गई है कि हर परिवार अपने आसपास लगाए गए परिंडे में रोज पानी भरेगा, ताकि यह अभियान सिर्फ एक दिन का न रहकर पूरे गर्मी के मौसम तक चलता रहे।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले के समय में लोग अपने घरों के बाहर पक्षियों के लिए पानी जरूर रखते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा कम होती जा रही है। ऐसे में इस तरह का अभियान लोगों को फिर से प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश देगा।
इस पहल में गांव के बच्चों और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने खुद अपने हाथों से परिंडे बांधे और उन्हें पेड़ों पर लगाया। लोगों का कहना है कि बेजुबान पक्षियों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य का काम है।
अभियान चलाने वाले युवाओं ने बताया कि उनका लक्ष्य सिर्फ परिंडे लगाना ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाना भी है, ताकि हर गांव और हर शहर में लोग गर्मी के समय पक्षियों के लिए पानी रखना शुरू करें।
रातल्या गांव की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोग इसे मानवता और प्रकृति प्रेम की मिसाल बता रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अगर हर जगह इस तरह की सोच हो जाए, तो कोई भी बेजुबान प्यास से नहीं मरेगा।






