नई दिल्ली: आजकल हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में खानपान को लेकर लोग ज्यादा सतर्क हो गए हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया है कि कीटो डाइट (Keto Diet) शुगर और BP कंट्रोल करने में मददगार हो सकती है। यही वजह है कि यह डाइट दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
क्या है कीटो डाइट
कीटो डाइट एक लो-कार्ब और हाई-फैट डाइट होती है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट बहुत कम और प्रोटीन व हेल्दी फैट ज्यादा लिया जाता है। इससे शरीर में कीटोसिस नाम की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें शरीर शुगर की जगह फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगता है।
वैज्ञानिकों ने क्यों बताया फायदेमंद
हेल्थ रिसर्च के अनुसार, कीटो डाइट अपनाने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता, जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिल सकता है।
इसके अलावा, कम कार्ब लेने से वजन घटाने में मदद मिलती है और वजन कम होने से हाई BP को कंट्रोल करना आसान हो जाता है।
इंसुलिन पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, जिससे शुगर कंट्रोल करना मुश्किल होता है।
कीटो डाइट में कार्ब कम होने के कारण इंसुलिन की जरूरत कम पड़ती है और ब्लड शुगर संतुलित रह सकता है।
दिल की सेहत पर भी असर
कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि सही तरीके से कीटो डाइट लेने पर ट्राइग्लिसराइड कम हो सकते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ सकता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर हो सकती है।
जरूरी सावधानी
डॉक्टरों का कहना है कि हर मरीज के लिए कीटो डाइट सही हो, यह जरूरी नहीं है।
खासतौर पर जिन लोगों को किडनी, लिवर या लंबे समय से डायबिटीज है, उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के यह डाइट शुरू नहीं करनी चाहिए।






