राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर (मंडफिया, चित्तौड़गढ़) में होली के बाद खोले गए भंडार ने भक्तों की अपार आस्था का नया रिकॉर्ड बना दिया है। फाल्गुन माह (18 जनवरी से 1 मार्च 2026 तक) के दौरान मंदिर के दानपात्रों और भेंट कक्ष से कुल 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपये का चढ़ावा निकला है, जो मंदिर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा है। इसमें नकद के अलावा करीब 3 किलो सोना (2 किलो 967 ग्राम 480 मिलीग्राम) और 152 किलो 609 ग्राम चांदी के गहने और आइटम भी शामिल हैं, जिनकी वैल्यू लगभग 8 करोड़ 70 लाख रुपये बताई जा रही है।
भंडार खुलने और गिनती का पूरा विवरण
मंदिर परंपरा के अनुसार, हर महीने या विशेष अवसर पर भंडार (दान पेटियां) खोला जाता है। इस बार होली के मौके पर 2 मार्च को भंडार खोला गया, और गिनती का काम 7 चरणों में पूरा हुआ। मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि:
- भंडार से निकली नकद राशि: 36 करोड़ 57 लाख 87 हजार 642 रुपये
- भेंट कक्ष, ऑनलाइन डोनेशन और अन्य माध्यमों से: 10 करोड़ 45 हजार 282 रुपये
- कुल नकद: 46,58,32,924 रुपये
गिनती के दौरान नोटों का ऐसा अंबार लगा कि काउंटर पर लगे लोग थकान से चूर हो गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी और स्वयंसेवक घंटों तक नोट गिनते रहे—कुछ जगहों पर मशीनों की मदद ली गई, लेकिन छोटे नोटों और सिक्कों की भरमार से काम धीमा हो गया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, “बाप रे इतना पैसा! गिनते-गिनते हाथ सुन्न हो गए।”
पिछले साल से कितना ज्यादा?
पिछले साल (2025) इसी अवधि में चढ़ावा 29.08 करोड़ रुपये था। इस बार भक्तों की आस्था में भारी इजाफा हुआ है। मंदिर को भगवान श्री कृष्ण के ‘व्यापार साझेदार’ रूप में देखा जाता है—भक्त मुनाफे का हिस्सा यहां चढ़ाते हैं। देशभर से, खासकर राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली से श्रद्धालु आते हैं।
सोना-चांदी की बारिश
- सोना: 2 किलो 967 ग्राम 480 मिलीग्राम (भंडार + भेंट कक्ष से)
- चांदी: 152 किलो 609 ग्राम (गहने, सिक्के, आइटम्स)
ये कीमती सामान मंदिर की सुरक्षा में रखा गया है और आगे मंदिर के विकास, रखरखाव और भक्तों की सुविधाओं में इस्तेमाल होगा।
भक्तों की प्रतिक्रिया और वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां नोटों के ढेर देखकर लोग हैरान हैं। एक भक्त ने कहा, “सांवलिया सेठ की कृपा से व्यापार चमका, हिस्सा चढ़ाया—ये रकम देखकर आंखें नम हो गईं।” मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, और इस रिकॉर्ड चढ़ावे से मंदिर की प्रसिद्धि और बढ़ गई है।
यह घटना भक्तों की गहरी श्रद्धा और आस्था का जीता-जागता प्रमाण है। सांवलिया सेठ के दरबार में नोटों का पहाड़ खड़ा हो गया—जय श्री सांवलिया सेठ! (यह रिपोर्ट NDTV, Dainik Bhaskar, GNT और अन्य स्रोतों पर आधारित है।)






