मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक महिला ने अपनी चार मासूम बेटियों को बारी-बारी से कुएं में फेंक दिया और इसके बाद खुद बेर के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से गांव में कोहराम मचा हुआ है, लोग आंसुओं में डूबे हैं और पुलिस जांच में पारिवारिक तनाव, गरीबी, मानसिक दबाव या कोई गहरी मजबूरी को मुख्य कारण माना जा रहा है।
घटना का पूरा विवरण
देवरी क्षेत्र के एक छोटे से गांव में रहने वाली महिला (नाम अभी गोपनीय रखा गया है, उम्र करीब 30-35 वर्ष) ने मंगलवार सुबह (11 मार्च 2026) अपने घर के पास स्थित कुएं में चार बेटियों को डाल दिया। बेटियां क्रमशः 2 साल, 4 साल, 6 साल और 8 साल की बताई जा रही हैं। महिला ने बारी-बारी से उन्हें कुएं में फेंका, जिसके बाद वह खुद फांसी लगाकर लटक गई।
गांव वालों को सुबह शोर सुनाई दिया, जब वे मौके पर पहुंचे तो कुएं में चारों बच्चियों के शव तैरते मिले और पास ही बेर के पेड़ पर महिला का शव फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलते ही देवरी पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण डूबना और फांसी से गला घुटना पाया गया है।
क्या था कारण? पुलिस और ग्रामीणों की बातें
- पारिवारिक तनाव और गरीबी: ग्रामीणों का कहना है कि महिला के पति मजदूरी करते थे, परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। चार बेटियां होने के कारण पति-पत्नी में अक्सर झगड़े होते थे। कुछ लोगों ने बताया कि पति बेटियों को लेकर ताने मारता था, जिससे महिला मानसिक रूप से टूट चुकी थी।
- मानसिक दबाव: पड़ोसियों ने कहा कि महिला पिछले कुछ महीनों से उदास रहती थी। वह अक्सर बच्चों की जिम्मेदारी और घर की गरीबी से परेशान रहती थी। डॉक्टरों की राय में यह पोस्टपार्टम डिप्रेशन या गंभीर डिप्रेशन का मामला हो सकता है।
- पति पर आरोप: महिला के भाई और कुछ रिश्तेदारों ने पति पर घरेलू हिंसा और ताने मारने का आरोप लगाया है। हालांकि पति ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह काम पर था, घटना की जानकारी मिलने पर वह सदमे में है।
- पुलिस जांच: देवरी थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सटीक कारण पता चलेगा। सुसाइड नोट या कोई लिखित सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने महिला के पति और परिवार से पूछताछ शुरू कर दी है। अगर कोई अप्रत्यक्ष भूमिका मिली तो हत्या या अबेटमेंट टू सुसाइड का केस बन सकता है।
गांव में सनसनी और शोक
घटना के बाद पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। महिलाएं रो रही हैं, बच्चे डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “यह इंसानियत के लिए शर्म की बात है। चार मासूमों की ऐसी मौत कैसे हो सकती है?” कुछ लोग इसे “मजबूरी का नतीजा” बता रहे हैं, जबकि कई इसे क्रूरता कह रहे हैं।
यह घटना मध्य प्रदेश में हाल के महीनों में हुई कई ऐसी घटनाओं की कड़ी है, जहां गरीबी, मानसिक स्वास्थ्य की कमी और लिंग भेदभाव जैसी समस्याएं परिवारों को तोड़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग, सरकारी मदद और जागरूकता बहुत जरूरी है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच तेज कर दी है। क्या यह सिर्फ एक महिला की क्रूरता थी या गहरी मजबूरी? जांच के नतीजे ही सच्चाई सामने लाएंगे।
पूरे सागर जिले में शोक की लहर है। चार मासूम बेटियों और उनकी मां की आत्मा को शांति मिले।






