भारत को रूसी तेल सस्ता मिल रहा है, जबकि पाकिस्तान में तेल संकट गहरा गया है! पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल के बीच पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार और विश्लेषक नजम सेठी ने शहबाज शरीफ सरकार पर तीखा तंज कसा है।
नजम सेठी ने कहा, “हम तो डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिलवाने के लिए तैयार थे, अब सस्ते रूसी तेल के लिए उनकी इजाजत मांगने क्यों नहीं जाते?” उन्होंने इशारा किया कि अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने में कुछ छूट या सहूलियत दी है, जिससे भारत को डिस्काउंटेड रूसी क्रूड ऑयल मिल रहा है और ऊर्जा संकट से बचा हुआ है। लेकिन पाकिस्तान में स्थिति उलट है—तेल की कमी, कीमतें आसमान छू रही हैं, और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
सेठी ने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर ट्रंप ने भारत को यह रियायत दी है, तो पाकिस्तान वाले ट्रंप के पास जाकर क्यों नहीं कहते—”अगर भारत को रूस से तेल लेने की इजाजत है, तो हमें भी दो!” उन्होंने शहबाज सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया कि वे ट्रंप से नोबेल की बातें करते थे, लेकिन अब व्यावहारिक फायदे के लिए कदम क्यों नहीं उठा रहे?
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव (ईरान-इजरायल-अमेरिका) के चलते ग्लोबल ऑयल सप्लाई प्रभावित हो रही है, और पाकिस्तान जैसे आयात-निर्भर देशों में संकट गहरा रहा है। भारत ने रणनीतिक रूप से रूसी तेल का आयात जारी रखा है, जबकि पाकिस्तान अमेरिकी दबाव और अपनी सीमित रिफाइनरी क्षमता के कारण पिछड़ गया है।
नजम सेठी की यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी सोशल मीडिया और पाकिस्तानी मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं। क्या पाकिस्तान अब रूस से सीधे तेल डील करेगा, या ट्रंप से ‘नोबेल वाली मदद’ मांगेगा? समय बताएगा!






