मुख्य घटना का विवरण
सरायकेला (झारखंड) के नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी (झामुमो समर्थित) ने देहुरीडीह गांव में हृदय रोग से पीड़ित ग्रामीण अभिमन्यु नायक के घर सुबह-सुबह (लगभग 7 बजे) पहुंचकर उनकी स्थिति जानी। वे साधारण वेशभूषा में गए, जिससे स्थानीय लोगों ने उनकी सराहना की।
- उन्होंने मरीज के परिजनों से बात की, स्वास्थ्य की चिंता जताई।
- बेहतर इलाज के लिए MGM अस्पताल (जमशेदपुर) से तुरंत समन्वय किया।
- एंबुलेंस की व्यवस्था कर मरीज को अस्पताल पहुंचवाया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उपचार सुनिश्चित हुआ।
इसके अलावा, अध्यक्ष ने गांव में अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान दिया:
- नशा मुक्ति की अपील की।
- बाल श्रम रोकने और बच्चों को स्कूल भेजने की सलाह दी।
- अभिमन्यु नायक के परिवार में अनाथ हुए तीन बच्चों को सरकारी योजनाओं (बाल संरक्षण) से जोड़ने के लिए बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देश दिए।
यह कदम उनके संवेदनशील और सक्रिय नेतृत्व का उदाहरण है, खासकर चुनाव जीतने के कुछ ही दिनों बाद (फरवरी 2026 में चुनाव जीते थे, जहां उन्होंने 1,943 वोटों से 449 वोटों के अंतर से जीत हासिल की)।
संबंधित अन्य गतिविधियां
अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी हाल ही में स्वास्थ्य सेवाओं में भी सक्रिय रहे हैं। कुछ दिनों पहले (6 मार्च 2026 के आसपास) उन्होंने सरायकेला सदर अस्पताल में एक नेत्र चिकित्सक (डॉ. पीएम बाड़ा) द्वारा मरीज से रिश्वत मांगने के मामले में तुरंत अस्पताल पहुंचकर फटकार लगाई और जांच की मांग की। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी।
स्रोत और मीडिया कवरेज
- प्रभात खबर (9 मार्च 2026): मुख्य रिपोर्ट, जिसमें फोटो भी शामिल हैं (अध्यक्ष मरीज के घर पर परिजनों से बात करते हुए)।
- X (Twitter) पर @prabhatkhabar ने पोस्ट किया: “सरायकेला नगर पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने देहुरीडीह गांव पहुंचकर हृदय रोग से पीड़ित अभिमन्यु नायक का हाल-चाल लिया और बेहतर इलाज के लिए MGM अस्पताल में समन्वय कराया।”
- अन्य स्थानीय न्यूज पोर्टल्स (जैसे vbnnews.in) ने भी इसकी पुष्टि की, जहां इसे “बीमार ग्रामीण से मिलने सुबह-सुबह गांव पहुंचे अध्यक्ष” के रूप में कवर किया गया।
यह घटना जनप्रतिनिधि द्वारा की जा रही वास्तविक जनसेवा का जीवंत प्रमाण है, जो चुनावी वादों से आगे जाकर रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान पर फोकस दिखाती है। सरायकेला के लोगों में इससे नई उम्मीद जगी है।






