नई दिल्ली/जयपुर, 8 मार्च 2026: आज से विश्व ग्लूकोमा सप्ताह (8-14 मार्च 2026) शुरू हो गया है। विश्व ग्लूकोमा एसोसिएशन (WGA) द्वारा आयोजित इस वैश्विक अभियान का इस वर्ष का थीम “Uniting for a Glaucoma-Free World” है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में समुदायों को एकजुट कर ग्लूकोमा से होने वाली अंधता को रोकना है। ग्लूकोमा को “दृष्टि का मूक चोर” कहा जाता है क्योंकि यह अक्सर बिना लक्षणों के धीरे-धीरे दृष्टि छीन लेता है और दुनिया में अपरिवर्तनीय अंधता का प्रमुख कारण है।
भारत में ग्लूकोमा से प्रभावित लोग करीब 1.2 करोड़ हैं, जिनमें से 90% से ज्यादा मामले शुरुआती चरण में पता नहीं चल पाते। समय पर जांच और इलाज से 80-90% मामलों में दृष्टि बचाई जा सकती है। इस सप्ताह के दौरान देशभर में कई अस्पताल, नेत्र संस्थान और स्वास्थ्य संगठन मुफ्त नेत्र जांच शिविर आयोजित कर रहे हैं, जहां आई प्रेशर चेक, फंडस एग्जामिनेशन और ग्लूकोमा स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध है।
प्रमुख पहल और सलाह:
- कई अस्पतालों (जैसे आर्टेमिस, चेट्टिनाड, MGM नेत्र संस्थान आदि) में फ्री सुपर-स्पेशलिस्ट कंसल्टेशन, आई प्रेशर चेक और ग्लूकोमा स्कैन पर छूट।
- जोखिम वाले लोग (40+ उम्र, परिवार में ग्लूकोमा इतिहास, डायबिटीज, हाई BP, लंबे समय से स्टेरॉयड यूज) को नियमित जांच करानी चाहिए।
- विशेषज्ञों की अपील: हर साल कम से कम एक बार आंखों की जांच करवाएं, खासकर 40 वर्ष से ऊपर के लोग।
- लक्षण: आंखों में दर्द, हेलो देखना, धुंधला दिखना, सिरदर्द—ये संकेत हो सकते हैं, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
जयपुर में भी कई नेत्र अस्पताल और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इस सप्ताह मुफ्त जांच कैंप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों या NHM (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) से संपर्क कर जांच का लाभ उठाएं।






