कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में अमेरिकी सैनिक की दर्दनाक मौत, घर लौटने से बस कुछ दिन पहले ही शहीद हुई निकोल
कुवैत के पोर्ट शुआइबा में रविवार को हुए एक भयानक ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। इनमें से एक महिला सैनिक, सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल एम. अमोर (39 वर्ष), मिनेसोटा की व्हाइट बियर लेक की रहने वाली थीं। निकोल अमेरिकी आर्मी रिजर्व की 103वीं सस्टेनमेंट कमांड में तैनात थीं और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ड्यूटी पर थीं।
ट्रेजिक घटना की सबसे मार्मिक बात यह है कि निकोल घर लौटने की तैयारी में थीं। उनके पति जॉय अमोर ने दिल दहला देने वाले शब्दों में कहा, “वो बस घर आने वाली थी… आप कुवैत यह सोचकर नहीं जाते कि कुछ होने वाला है, और उसका सबसे पहले वहां जाना – यह दुखद है।” जॉय ने बताया कि हमले से महज दो घंटे पहले ही निकोल से उनकी बात हुई थी। निकोल दो बच्चों की मां थीं और परिवार के साथ फिर से मिलने की उत्सुकता में थीं।
पेंटागन ने पुष्टि की है कि यह हमला एक अस्थायी टैक्टिकल ऑपरेशंस सेंटर पर हुआ, जहां सैनिक अमेरिकी-इजरायली अभियान के समर्थन में काम कर रहे थे। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में यह पलटवार किया। निकोल के साथ मारे गए अन्य सैनिकों में कैप्टन कोडी ए. खोरक, सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ एल. टीटजेंस और सार्जेंट डेक्लन जे. कोडी शामिल हैं।
निकोल ने 2005 में नेशनल गार्ड में भर्ती होकर सेवा शुरू की थी और बाद में आर्मी रिजर्व में ट्रांसफर हुईं। उन्होंने 2019 में कुवैत और इराक में भी डिप्लॉयमेंट किया था। परिवार और दोस्त उन्हें “सबकी मां और सबसे अच्छी दोस्त” के रूप में याद करते हैं, जो दिल से प्यार करती थीं और सटीक व्यंग्यात्मक टिप्पणियां करने के लिए जानी जाती थीं।
यह घटना अमेरिका-ईरान संघर्ष में पहली मौतों में से एक है, जिसने कई परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है। निकोल की शहादत पूरे अमेरिका में शोक की लहर पैदा कर रही है। उनके परिवार और राष्ट्र को गहरा संवेदना। 🇺🇸






