जयपुर मंडी में मंगलवार को खाद्य तेलों के भाव में कमजोर मांग के कारण गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार, बाजार में मांग में कमी आने से अधिकांश तेलों के दाम नरम हो गए, जबकि कुछ में स्थिरता बनी रही।
कोटा सोया रिफाइंड तेल और बीकानेर मूंगफली तेल के भाव 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन लंबे समय तक यह ट्रेंड बने रहने की संभावना पर निर्भर करेगा।
हालांकि, सरसों कच्ची घाणी तेल और सरसों मिल डिलीवरी के भाव पूर्व स्तर पर बने रहे, जिसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ। सरसों तेल की मजबूती अन्य तेलों की गिरावट के बीच बाजार को कुछ सपोर्ट दे रही है।
कांडला पोर्ट पर पाम ऑयल के भावों में भी वैश्विक संकेतों और आयात दबाव के कारण मिश्रित रुख देखा जा रहा है, लेकिन जयपुर मंडी में इसका सीधा असर अन्य तेलों की गिरावट के रूप में दिखाई दिया।
व्यापारियों का कहना है कि कमजोर मांग और सप्लाई में सुधार के कारण खाद्य तेल बाजार में फिलहाल नरमी का दौर जारी रह सकता है। वहीं, सरसों आधारित उत्पादों में स्थिरता बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि उपभोक्ता और व्यापारी भावों पर नजर रखें, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्थानीय आवक से आगे दिशा तय होगी।





