पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने रविवार (22 फरवरी 2026) की रात को अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों नंगरहार और पक्तिका में हवाई हमले किए। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, ये हमले खुफिया जानकारी पर आधारित थे और इनमें सात आतंकी ठिकानों तथा शिविरों को निशाना बनाया गया, जो मुख्य रूप से तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत (ISKP) से जुड़े थे।
पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में 70 से 80 से अधिक आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने इसे हाल के आत्मघाती हमलों का “जवाबी कार्रवाई” बताया, जिनमें इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हुए विस्फोट सहित कई हमले शामिल हैं, जो पाकिस्तान में रामजान के दौरान हुए थे। पाकिस्तान का कहना है कि ये हमले अफगानिस्तान की सरजमीन से संचालित हो रहे आतंकी समूहों के खिलाफ थे।
दूसरी ओर, तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमलों में नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें घर, एक धार्मिक मदरसा (धार्मिक स्कूल) शामिल थे। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए। अफगान रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि नंगरहार और पक्तिका के विभिन्न नागरिक क्षेत्रों पर हमले हुए, जिसमें 18 से अधिक मौतें हुईं (कुछ रिपोर्टों में 20 से ज्यादा)।
तालिबान रक्षा मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, अच्छे पड़ोसीपन के सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का उल्लंघन बताते हुए “उचित समय पर उचित और संतुलित जवाबी कार्रवाई” की चेतावनी दी है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।






