बड़ी खबर! अगर आप नेशनल हाईवे पर कार, बाइक या ट्रक से सफर करते हैं, तो तैयार हो जाइए—कैश से टोल देने के दिन खत्म होने वाले हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद टोल का भुगतान केवल डिजिटल तरीके से होगा—मुख्य रूप से FASTag या UPI के जरिए!
क्या बदलाव आ रहा है?
- 1 अप्रैल 2026 से लागू: सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा (करीब 1150+ प्लाजा) पर कैश ट्रांजेक्शन बंद।
- भुगतान के विकल्प:
- FASTag (RFID टैग वाला ऑटोमैटिक, बिना रुके पास) — सबसे पसंदीदा और तेज।
- UPI (PhonePe, Google Pay, Paytm आदि से स्कैन करके पेमेंट) — FASTag फेल होने या बैलेंस कम होने पर बैकअप।
- कैश देने वालों को अब एंट्री नहीं मिलेगी। अगर FASTag नहीं है या काम नहीं कर रहा, तो UPI से तुरंत पेमेंट करके ही आगे बढ़ सकेंगे।
- वर्तमान नियम याद रखें:
- FASTag नहीं होने पर पहले डबल टोल लगता था।
- UPI से पेमेंट पर 1.25 गुना टोल (अतिरिक्त चार्ज) लगता है—यह जारी रहेगा, ताकि लोग FASTag को प्राथमिकता दें।
- FASTag का उपयोग पहले ही 98%+ पार कर चुका है, इसलिए यह बदलाव आसान होगा।
क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?
- डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: कैशलेस ट्रांजेक्शन से टोल कलेक्शन पारदर्शी, तेज और भ्रष्टाचार मुक्त होगा।
- लंबी कतारें खत्म: FASTag से बिना रुके पास, ट्रैफिक जाम कम।
- पर्यावरण और समय की बचत: कम रुकावट, कम ईंधन खर्च।
- NHAI का लक्ष्य: पूरी तरह डिजिटल टोलिंग सिस्टम बनाना।
यात्रियों के लिए टिप्स (Jaipur से सफर करने वालों के लिए खास)
- अभी से FASTag रिचार्ज कर लें या नया FASTag लगवा लें (बैंकों, पेट्रोल पंप, ऑनलाइन उपलब्ध)।
- UPI ऐप्स में वॉलेट बैलेंस रखें, ताकि इमरजेंसी में काम आए।
- अगर FASTag काम नहीं कर रहा, तो प्लाजा पर UPI स्कैनर से पेमेंट करें—लेकिन 1.25x चार्ज लगेगा।
- नियम लागू होने के बाद कैश लेकर जाना बेकार—ट्रैवल से पहले चेक कर लें!
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