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February 7, 2026 12:22 pm

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में क्या-क्या, किन चीजों पर रहेगा जीरो टैरिफ? पढ़ें बड़ी बातें

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भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड समझौता (Interim Trade Agreement) पर सहमति बन गई है। दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें व्यापार संबंधों को मजबूत करने और टैरिफ में कमी के प्रमुख बिंदुओं का जिक्र है। यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत का नतीजा है, जो हाल के महीनों में टैरिफ तनाव के बाद आया है।

प्रमुख बातें इस ट्रेड डील की:

  • टैरिफ में बड़ी कटौती: अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। यह reciprocal (पारस्परिक) आधार पर है, जिससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलेगी।
  • बाजार का अवसर: इस कटौती से भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिका का 30 ट्रिलियन डॉलर का विशाल बाजार खुल जाएगा। खास तौर पर MSMEs, किसानों और मछुआरों को फायदा होगा।
  • रोजगार सृजन: एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • प्रमुख क्षेत्रों में फायदा: टेक्सटाइल और कपड़े, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक-रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे सेक्टरों में बड़े बाजार के मौके मिलेंगे।
  • जीरो टैरिफ वाले उत्पाद: जेनेरिक दवाएं, रत्न-हीरे, एयरक्राफ्ट पार्ट्स सहित कई सामानों पर टैरिफ जीरो हो जाएगा। भारत को सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर लाभ मिलेगा।
  • कृषि और डेयरी सुरक्षा: भारत ने मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल, तंबाकू और कुछ सब्जियों-मांस जैसे संवेदनशील कृषि-डेयरी उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।
  • भारत की तरफ से: भारत अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामानों और कई कृषि-खाद्य उत्पादों (जैसे सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे/प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स) पर टैरिफ खत्म या कम करेगा।
  • अन्य प्रतिबद्धताएं:
    • दोनों देश उत्पत्ति के नियम (Rules of Origin) तय करेंगे ताकि फायदा मुख्य रूप से भारत और अमेरिका को ही मिले।
    • नॉन-टैरिफ बाधाओं पर बातचीत होगी।
    • भारत अमेरिकी मेडिकल डिवाइस और आईटी सामानों के लिए इंपोर्ट लाइसेंसिंग में रुकावटें खत्म करेगा।
    • स्टैंडर्ड और अनुरूपता मूल्यांकन पर सहयोग।
    • टैरिफ में बदलाव होने पर दूसरा देश भी अपनी कमिटमेंट बदल सकता है।
    • सप्लाई चेन मजबूती और आर्थिक सुरक्षा पर सहयोग।
  • बड़ी खरीद: भारत अगले 5 सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के एनर्जी प्रोडक्ट्स, एयरक्राफ्ट, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है।
  • टेक्नोलॉजी और डिजिटल ट्रेड: टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स (जैसे GPU, डेटा सेंटर सामान) में ट्रेड बढ़ेगा। डिजिटल ट्रेड में भेदभावपूर्ण रुकावटें दूर की जाएंगी।
  • अगला कदम: यह अंतरिम फ्रेमवर्क तुरंत लागू होगा। दोनों देश पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते को फाइनल करने की दिशा में काम करेंगे। औपचारिक समझौता मार्च तक साइन होने की उम्मीद है।
DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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