गोपेश्वर/चमोली। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली को शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को हुई भारी बर्फबारी ने एक बार फिर ‘भारत का मिनी स्विट्जरलैंड’ बना दिया है। चारों ओर सफेद चादर बिछ गई है, जिससे इलाके का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है। पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं, लेकिन बर्फबारी ने साथ ही कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। चमोली जिले में 50 से अधिक गांव हिम आच्छादित हो गए हैं, जबकि प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं।
बर्फबारी का असर
- औली में सीजन की पहली भारी बर्फबारी हुई, जिससे स्कीइंग और स्नो एक्टिविटीज के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गईं। पर्यटक बर्फ में खेलते और फोटो खिंचवाते नजर आए।
- चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, नीति वैली, माना आदि में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई।
- बदरीनाथ हाइवे हनुमानचट्टी से आगे बंद हो गया है। इस रूट पर बीआरओ और सेना के वाहनों की आवाजाही जारी है, लेकिन आम यातायात प्रभावित है।
- ज्योतिर्मठ-औली मोटर मार्ग कवांण बैड के पास से बर्फ जमा होने और फिसलन के कारण बंद है। पुलिस ने टीवी टावर के पास पर्यटन वाहनों को रोक दिया है। यहां से केवल स्थानीय वाहनों से ही औली की आवाजाही संभव हो रही है।
- कर्णप्रयाग-गैरसैंण हाइवे दिवालीखाल-कालीमाटी के बीच बर्फबारी से बाधित है। वाहन फिसल रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन की तैयारी चमोली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। फिसलन भरी सड़कों पर वाहनों को रोककर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग की अपडेट फॉलो करें।
मौसम का पूर्वानुमान यह बर्फबारी तीन महीने के सूखे दौर के बाद आई है, जो पर्यटन के लिए राहत की बात है। IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी रह सकती है।
औली की यह खूबसूरत बर्फबारी पर्यटकों के लिए स्वर्ग जैसी है, लेकिन यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। ताजा अपडेट के लिए स्थानीय पुलिस या मौसम विभाग की वेबसाइट चेक करें।






