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February 22, 2026 3:11 pm

USA Tariff Policy: ट्रंप बोले – टैरिफ बन सकता है नया विकल्प; जानें पूरा प्लान……’क्या खत्म होगा इनकम टैक्स…..

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America Tax System: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से सियासी हलचल मचा दी है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि टैरिफ से होने वाली आमदनी इतनी ज़्यादा हो सकती है कि वह अमेरिका की मौजूदा आयकर प्रणाली की जगह ले सकती है. उन्होंने इस विचार को ‘पूरी तरह संभव’ करार दिया.

इस जादुई तेल की 2 बूंद लगाएं, चेहरा निखर जाएगा……’ऑयली स्किन हो या एक्ने, सूजन हो या इंफेक्शन……

इतिहास का हवाला देते हुए बोले ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि 1870 से 1913 तक अमेरिका में टैरिफ ही सरकारी कमाई का मुख्य स्रोत था और उस दौर में अमेरिका ‘सबसे अमीर देशों में’ गिना जाता था. ‘इसकी पूरी संभावना है.’ आगे ट्रंप ने कहा, ”हम इतना पैसा टैरिफ से कमा सकते हैं कि हमें आयकर की ज़रूरत ही न पड़े.”

महामंदी से जोड़ने वाली आलोचनाओं को किया खारिज

ट्रंप ने यह भी कहा कि टैरिफ को महामंदी का कारण बताना गलत है क्योंकि आर्थिक गिरावट टैरिफ लागू होने से पहले ही शुरू हो चुकी थी.

”अरबों डॉलर की कमाई हुई” – ट्रंप

उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल में अमेरिका ने टैरिफ से प्रतिदिन 2 से 3 अरब डॉलर तक की कमाई की. उन्होंने कहा, ”हमने कभी इतनी बड़ी रकम नहीं देखी थी.” साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि कारोबारियों की सुविधा के लिए टैरिफ दरों में अस्थायी छूट दी गई थी.

अपराधियों को भेजना चाहते हैं अल सल्वाडोर

ट्रंप ने अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले की प्रशंसा करते हुए वहां के जेल सिस्टम को ‘बेहद सुरक्षित’ बताया और कहा कि वे अमेरिका के हिंसक अपराधियों को वहां भेजने के लिए तैयार हैं.

टैरिफ नीति में अस्थायी नरमी

हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने कुछ देशों पर लगाए गए टैरिफ पर 90 दिन की रोक लगाई है, जबकि चीन पर टैरिफ 245% तक बढ़ा दिए हैं. इसके पीछे मकसद पुराने व्यापार घाटे को पाटना और नए सौदों की ओर बढ़ना बताया गया है.

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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आज फोकस में

दिल्ली: आतंकियों का हैंडलर कश्मीरी निकला, बांग्लादेश से बना रहा हमले का प्लान दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की योजना को नाकाम करते हुए पुलिस ने 8 आरोपियो… https://www.aajtak.in/india/delhi/story/delhi-terrorist-attack-alert-8-arrested-kashmiri-handler-bangladesh-ntc-drmt-rpti-2476429-2026-02-22 creat news in hindiदिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, 8 आरोपी गिरफ्तार: कश्मीरी हैंडलर बांग्लादेश से रच रहा था हमले का प्लान दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर अपनी सतर्कता से देश को बड़े आतंकी हमले से बचा लिया है। विशेष सेल ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर आतंकी हमले की साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया है। इस ऑपरेशन में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान के ISI और बांग्लादेश स्थित आतंकी तत्वों से है। मुख्य खुलासा क्या है? सूत्रों के अनुसार, इन आरोपियों का मुख्य हैंडलर एक कश्मीरी मूल का व्यक्ति है, जो फिलहाल बांग्लादेश में छिपा हुआ है। यहीं से वह पूरे मॉड्यूल को कंट्रोल कर रहा था और दिल्ली में हमले की साजिश रच रहा था। हैंडलर के इशारे पर ही आरोपी काम कर रहे थे। आरोपियों की पहचान गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं: मिजानुर रहमान मोहम्मद शबत उमर मोहम्मद लितान मोहम्मद शाहिद मोहम्मद उज्जल (और दो अन्य, कुल 8) ये आरोपी तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किए गए हैं। जांच में पता चला है कि वे फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। उनके पास से 8 मोबाइल फोन, 16 सिम कार्ड और दिल्ली की कई महत्वपूर्ण जगहों (जैसे लाल किला, चांदनी चौक) की रेकी वीडियो बरामद हुए हैं। साजिश कैसे शुरू हुई? 8 फरवरी को दिल्ली के विभिन्न इलाकों और मेट्रो स्टेशनों पर ‘FREE KASHMIR’ लिखे भड़काऊ पोस्टर लगाए गए थे। इसी तरह कोलकाता में भी ऐसे पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों की जांच के दौरान ही पुलिस को इस आतंकी मॉड्यूल का पता चला। खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली में बड़ा हमला करने की फिराक में है, जिसमें लाल किला और चांदनी चौक जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया जा सकता है। सुरक्षा व्यवस्था सख्त इस साजिश के खुलासे के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। भीड़-भाड़ वाले इलाकों, मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों पर नजर बढ़ा दी गई है। पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर साबित होता है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी आतंकी मंसूबे को अंजाम नहीं देने दिया जाएगा। जांच जारी है और हैंडलर को पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।2sपाँच दिन, 20 देशों के प्रमुख. दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के बीच बातचीत, और दिल्ली के बीचों-बीच लाखों लोगों का जमावड़ा. इस दौरान हर जगह दो शब्द सुनाई देते रहे: आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस. भारत सरकार के मुताबिक़, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ अब तक का सबसे बड़ा एआई समिट था. ब्रिटेन, साउथ कोरिया और फ्रांस में ये समिट होने के बाद, पहली बार ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में ये समिट हुआ. देखते हैं इस समिट से क्या-क्या अहम बातें निकलीं. creat news in hindiइंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: भारत ने ग्लोबल साउथ में लिखी नई इतिहास, 88 देशों ने अपनाई नई दिल्ली घोषणा नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी 2026 तक चले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट ने दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की चर्चा को नया आयाम दिया। पांच दिनों में 20 से अधिक देशों के प्रमुख, दुनिया की टॉप टेक कंपनियों के सीईओ और लाखों लोगों की भीड़ ने भारत मंडपम को एआई का वैश्विक केंद्र बना दिया। हर कोने में सिर्फ एक ही शब्द गूंजता रहा—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। भारत सरकार के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली एआई समिट था। ब्रिटेन, साउथ कोरिया और फ्रांस के बाद पहली बार यह समिट ग्लोबल साउथ के किसी देश में आयोजित हुआ, जिसने भारत को एआई में वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित कर दिया। मुख्य उपलब्धियां और अहम घोषणाएं समिट का समापन नई दिल्ली घोषणा (New Delhi Declaration on AI Impact) के अपनाने के साथ हुआ। इसमें 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए, जिसमें अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे बड़े देश शामिल हैं। यह घोषणा एआई को लोकतांत्रिक, समावेशी, सुरक्षित और मानव-केंद्रित बनाने पर जोर देती है। 250 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश प्रतिबद्धताएं: इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई विकास के लिए वैश्विक कंपनियों ने 250 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश का वादा किया। 20 अरब डॉलर डीप-टेक रिसर्च के लिए: फ्रंटियर एआई और इनोवेशन में 20 बिलियन डॉलर की कमिटमेंट्स। MANAV विजन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MANAV (मानव-केंद्रित एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क) पेश किया, जो ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें बच्चों की सुरक्षा, भाषाई समावेश और ग्लोबल साउथ की जरूरतों पर फोकस है। तीन स्वदेशी एआई मॉडल लॉन्च: भारतीय कंपनियों ने तीन बड़े स्वदेशी (Sovereign) एआई मॉडल पेश किए, जो भारत में ट्रेन किए गए और लोकल भाषाओं में मजबूत हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: एआई जिम्मेदारी अभियान में 24 घंटे में सबसे ज्यादा डिजिटल प्लेज प्राप्त करने का रिकॉर्ड। कंप्यूट क्षमता बढ़ोतरी: भारत ने अतिरिक्त 20,000 GPUs जोड़ने की घोषणा की, कुल क्षमता 58,000+ GPUs तक पहुंच गई। प्रमुख हस्तियां और चर्चाएं समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, ब्रिटेन के पूर्व पीएम ऋषि सुनक, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के डैरियो अमोडी जैसे दिग्गज शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा, “एआई बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल सिलेबस जितना क्यूरेटेड होना चाहिए।” समिट में 500+ सेशन, 7 वर्किंग ग्रुप्स (पीपल, प्लैनेट, प्रोग्रेस पर आधारित) और इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में 300+ एक्जिबिटर्स और 30+ देशों की भागीदारी रही। लाखों विजिटर्स ने इसे G20 से भी बड़ा बनाया। चुनौतियां भी रहीं पहले दिन कुछ ट्रैफिक और ऑर्गनाइजेशनल मुद्दों के कारण भीड़भाड़ रही, जिसके लिए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी। बिल गेट्स ने आखिरी समय में अपना कीनोट रद्द किया। फिर भी, समिट ने भारत को एआई में ‘विजन से एक्शन’ की ओर ले जाने वाला मंच साबित किया। अब फोकस इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने पर है—समावेशी विकास, सुरक्षित एआई और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने पर। भारत ने साबित कर दिया कि एआई सिर्फ अमीर देशों का खेल नहीं—यह सबके लिए है, और भारत इसकी अगुवाई करने को तैयार है!2.3sभारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पदभार संभालते ही फुल एक्शन मोड में आ गए हैं। राजस्थान की छात्र राजनीति से दिल्ली तक का सफर तय करने वाले जाखड़ ने अपने गृह राज्य राजस्थान में संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े फेरबदल शुरू कर दिए हैं creat news in hindiNSUI में नया जोश: विनोद जाखड़ ने पदभार संभालते ही राजस्थान में बड़े फेरबदल शुरू किए, संगठन को दिल्ली से जोड़ने की तैयारी नई दिल्ली/जयपुर: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पदभार ग्रहण करते ही फुल एक्शन मोड में आ गए हैं। 20 फरवरी 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए गए जाखड़ ने अपने गृह राज्य राजस्थान में संगठन को मजबूत करने के लिए तुरंत बड़े बदलावों की शुरुआत कर दी है। राजस्थान की छात्र राजनीति से दिल्ली तक का सफर तय करने वाले इस युवा दलित नेता का फोकस अब NSUI को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने पर है। पदभार ग्रहण और पहली कार्रवाई विनोद जाखड़ ने 28 फरवरी को दिल्ली में NSUI मुख्यालय में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद तुरंत राजस्थान की ओर रुख किया। उन्होंने राज्य इकाई में संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा की, जिसमें कई जिलों के अध्यक्षों और महासचिवों की जिम्मेदारियां बदली जा रही हैं। जाखड़ का कहना है कि “राजस्थान NSUI को राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनाने का समय आ गया है। हम छात्रों की आवाज को दिल्ली तक पहुंचाएंगे और दिल्ली की रणनीति को राजस्थान की धरती पर उतारेंगे।” राजस्थान में क्या-क्या बदलाव? जिला स्तर पर नई टीम: कई जिलों में नए युवा चेहरों को मौका दिया जा रहा है, खासकर दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को। कैंपस एक्टिवेशन: राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर समेत प्रमुख विश्वविद्यालयों में NSUI की सक्रियता बढ़ाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित। छात्र मुद्दों पर फोकस: फीस वृद्धि, छात्रवास सुविधा, परीक्षा सुधार और रोजगार जैसे मुद्दों पर तुरंत आंदोलन की तैयारी। जाखड़ ने कहा, “हम सिर्फ विरोध नहीं करेंगे, समाधान भी सुझाएंगे।” राष्ट्रीय कनेक्ट: दिल्ली मुख्यालय से राजस्थान यूनिट को सीधा सपोर्ट देने के लिए कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। कौन हैं विनोद जाखड़? विनोद जाखड़ नागौर जिले के मेड़ता शहर के मूल निवासी हैं। दलित समाज से आने वाले जाखड़ ने 2018-19 में राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष के रूप में बड़ा नाम कमाया। वे कभी NSUI से बागी होकर भी चुनाव जीते, लेकिन बाद में संगठन में लौटे और 2024 में राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष बने। सचिन पायलट के करीबी माने जाने वाले जाखड़ ने RSS के कार्यक्रमों का विरोध करते हुए जेल भी गए। उनकी नियुक्ति NSUI के 55 साल के इतिहास में पहली बार राजस्थान को राष्ट्रीय कमान मिलने का ऐतिहासिक क्षण है। NSUI में नई ऊर्जा जाखड़ की नियुक्ति के बाद NSUI कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिल रहा है। कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। जाखड़ ने ट्वीट कर कहा, “छात्रों का संघर्ष अब और तेज होगा। हम शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के लिए लड़ेंगे। राजस्थान से दिल्ली तक, हर कैंपस में NSUI की धड़कन महसूस होगी।” विनोद जाखड़ का यह आक्रामक रुख NSUI को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में राजस्थान की छात्र राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है, जहां संगठन न सिर्फ मजबूत होगा बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगा।1.4sधुरंधर’ के 26/11 सीन के बाद रो पड़े थे अक्षय खन्ना-अर्जुन रामपाल, सेट पर क्यों छाया था मातम? धुरंधर हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बन गई … https://www.aajtak.in/entertainment/bollywood-news/story/dhurandhar-akshaye-khanna-arjun-rampal-cried-inconsolably-performing-26-11-scene-r-madhavan-tmovf-dskc-2476358-2026-02-22 creat n ews in hindi’धुरंधर’ के 26/11 सीन ने तोड़ दिया दिल: अक्षय खन्ना-अर्जुन रामपाल फूट-फूटकर रो पड़े, सेट पर छाया गहरा मातम मुंबई: हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार ‘धुरंधर’ (रिलीज: 5 दिसंबर 2025) ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा, बल्कि अपने इमोशनल सीन्स से दर्शकों के साथ-साथ कलाकारों के दिलों को भी हिला दिया। फिल्म के एक खास 26/11 मुंबई आतंकी हमले वाले सीन की शूटिंग के दौरान ऐसा इमोशनल मोमेंट आया, जब अक्षय खन्ना और अर्जुन रामपाल पूरी तरह टूट गए और फूट-फूटकर रो पड़े। सेट पर मातम जैसी खामोशी छा गई थी। यह खुलासा फिल्म में अहम रोल निभाने वाले आर. माधवन ने हाल ही में सोनिया शेनॉय के साथ इंटरव्यू में किया। माधवन ने बताया, “जब वो सीन खत्म हुआ, जहां उनके किरदार 26/11 हमले का जश्न मना रहे थे (क्योंकि वे पाकिस्तानी रोल में थे), लेकिन असल में वे भारतीय कलाकार हैं… ‘कट’ कहते ही दोनों पूरी तरह ब्रेकडाउन हो गए। वे फूट-फूटकर रोए, आंसू थम ही नहीं रहे थे। यह सिर्फ एक्टिंग नहीं थी, उन्होंने उन दिनों को फिर से जिया। पुरानी यादें ताजा हो गईं। सेट पर हर कोई भावुक हो गया।” सीन क्या था? फिल्म में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत (रियल लाइफ लियारी गैंगस्टर पर आधारित) और अर्जुन रामपाल ने ISI मेजर इकबाल का किरदार निभाया। सीन में इनके किरदार मुंबई पर 26/11 हमले की सफलता पर खुशी जाहिर करते हैं। लेकिन रियल लाइफ में यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि शूटिंग खत्म होते ही दोनों एक्टर्स का इमोशनल ब्रेकडाउन हो गया। अर्जुन रामपाल ने पहले भी इसे अपने करियर का सबसे मुश्किल सीन बताया था। फिल्म की सफलता और इमोशनल डेप्थ आदित्य धर द्वारा निर्देशित ‘धुरंधर’ ने 1300 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और कई रिकॉर्ड तोड़े। रणवीर सिंह (लीड रोल), संजय दत्त, सारा अर्जुन, आर. माधवन, गौरव गेरा, राकेश बेदी जैसे कलाकारों की जबरदस्त परफॉर्मेंस के साथ फिल्म ने एक्शन, थ्रिलर और इमोशन का परफेक्ट मिश्रण पेश किया। माधवन ने कहा, “इस घटना ने मुझे समझा दिया कि यह फिल्म बहुत स्पेशल है। मजबूत कंटेंट की ताकत यही है।” धुरंधर 2 भी जल्द आने वाली है (19 मार्च को रिलीज की संभावना), जहां अक्षय खन्ना फिर से रहमान डकैत के रोल में लौट रहे हैं। लेकिन 26/11 सीन का यह पीछे का किस्सा बताता है कि कैसे सिनेमा कभी-कभी सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि असली जख्मों को छू लेता है। ‘धुरंधर’ ने साबित किया कि जब दिल से एक्टिंग होती है, तो स्क्रीन पर जादू होता है… और सेट पर भी आंसू! 🇮🇳2.4sप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रैपिड ट्रेन ‘नमो भारत’ का उद्घाटन किया. इस अत्याधुनिक ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली से मेरठ का सफर पहले से आसान और तेज … https://www.aajtak.in/india/news/story/namo-bharat-train-pm-modi-delhi-meerut-rapid-rail-82-km-corridor-modern-facility-amlbs-dskc-2476406-2026-02-22 creat mnews in hindiप्रधानमंत्री मोदी ने किया ‘नमो भारत’ रैपिड ट्रेन का उद्घाटन: दिल्ली-मेरठ अब सिर्फ 55 मिनट में, मेरठ मेट्रो भी शुरू, ₹12,930 करोड़ की परियोजनाओं को दी सौगात

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