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March 1, 2026 11:41 pm

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केंद्र सरकार ने Aadhar, PAN Card की जानकारियां लीक करने वाली कई वेबसाइटों को किया ब्लॉक!

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Aadhar, PAN News: केंद्र सरकार ने आधार कार्ड और पेन कार्ड की जानकारियां लीक करने वाली कई वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने गुरुवार को इस संबंध में एक बयान जारी कर जानकारी दी. जिसमें कहा गया कि  केंद्र सरकार ने आधार और पैन कार्ड डिटेल्स समेत संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी को उजागर करने वाली कई वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है.

UIDAI की शिकायत के बाद लिया गया फैसला

बता दें कि यह कदम भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा आधार डेटा के सार्वजनिक प्रदर्शन पर पुलिस में शिकायत दर्ज करने के बाद आया है, जो आधार अधिनियम 2016 का उल्लंघन करती हैं. सरकार ने कहा कि वह उल्लंघन के जवाब में साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है. बयान में कहा गया है कि, “इसे मुद्दे को गंभीरता से लिया गया है क्योंकि सरकार सुरक्षित साइबर सुरक्षा प्रथाओं और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. इसके अनुरूप, इन वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई है.”

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ब्लॉक की गई वेबसाइट्स में मिली खामियां

बता दें कि भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-IN) की जांच में ब्लॉक की गई वेबसाइटों में सुरक्षा खामियों पाई गईं. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि साइट ऑपरेटरों को कमजोरियों को ठीक करने के लिए अपने आईटी बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया है. सीईआरटी-इन ने आईटी उपकरण को संभालने वाली सभी संस्थाओं के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश भी जारी किए हैं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत सूचना सुरक्षा नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है.

प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा

मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और 2023 के डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के तहत मौजूदा नियमों का हवाला देते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को राज्य द्वारा नियुक्त निर्णय अधिकारियों के माध्यम से मुआवजे की मांग कर सकते हैं. सरकार ने कहा है कि, “कोई भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित पक्ष शिकायत दर्ज करने और मुआवजे की मांग के लिए आईटी अधिनियम की धारा 46 के तहत निर्णय अधिकारी से संपर्क कर सकता है. राज्यों के आईटी सचिवों को आईटी अधिनियम के तहत निर्णायक अधिकारी के रूप में सशक्त बनाया गया है.”

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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