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October 17, 2026 4:37 pm

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सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नई पहल, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने की मिलेगी ट्रेनिंग

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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के खतरों से सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने की पहल की जा रही है। इसके तहत बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, संदिग्ध मैसेज, सोशल मीडिया पर होने वाले जोखिम और निजी जानकारी की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी। योजना के अनुसार, विद्यार्थियों के लिए हर महीने लाइव सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को समझाया जाएगा।

आज के समय में बच्चे पढ़ाई, ऑनलाइन कक्षाओं, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया के जरिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। इंटरनेट ने शिक्षा और जानकारी तक पहुंच आसान बनाई है, लेकिन इसके साथ ऑनलाइन ठगी, फर्जी वेबसाइट, साइबर बुलिंग और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग जैसे खतरे भी बढ़े हैं। ऐसे में बच्चों को कम उम्र से ही डिजिटल सुरक्षा के नियम समझाना जरूरी हो गया है।

हर महीने लाइव सेशन में मिलेगी साइबर सुरक्षा की जानकारी

प्रस्तावित पहल के तहत विद्यार्थियों को नियमित लाइव सेशन के माध्यम से साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। इन सत्रों में विशेषज्ञों के जरिए यह समझाने पर जोर रहेगा कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किसी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कैसे की जा सकती है।

विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि अनजान लोगों के भेजे लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने या किसी के साथ पासवर्ड और OTP साझा करने से किस तरह नुकसान हो सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने और मजबूत पासवर्ड बनाने जैसी बुनियादी सावधानियों की जानकारी भी उपयोगी होगी।

ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग से बचने के तरीके सीखेंगे बच्चे

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। इंटरनेट पर फर्जी पहचान बनाकर संपर्क करना, परेशान करने वाले संदेश भेजना, निजी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करना और साइबर बुलिंग जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।

ऐसे में जागरूकता सत्रों के दौरान बच्चों को सिखाया जा सकता है कि किसी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें, अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक न करें और ऑनलाइन किसी तरह की परेशानी होने पर माता-पिता, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय वयस्क को जानकारी दें।

डिजिटल शिक्षा के साथ सुरक्षा भी जरूरी

डिजिटल शिक्षा के विस्तार के साथ विद्यार्थियों को तकनीक का सही और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना सिखाना महत्वपूर्ण है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी नियमित जानकारी बच्चों में जागरूकता बढ़ा सकती है और उन्हें इंटरनेट पर संभावित खतरों को पहचानने में मदद कर सकती है।

शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका भी इसमें अहम होगी। बच्चों को डराने के बजाय उन्हें आसान उदाहरणों के जरिए समझाना जरूरी है कि संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि होने पर क्या करना चाहिए और मदद कहां से लेनी चाहिए।

पहल से विद्यार्थियों को क्या फायदा होगा?

अगर इन सत्रों को नियमित रूप से लागू किया जाता है, तो विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा के नियम समझने, फर्जी संदेशों की पहचान करने और साइबर अपराध से जुड़े जोखिमों के प्रति सतर्क रहने में मदद मिल सकती है। इससे बच्चों में सुरक्षित डिजिटल आदतें विकसित करने और इंटरनेट का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की समझ बढ़ेगी।

महत्वपूर्ण नोट: इस पहल से संबंधित राज्य, विभाग, आधिकारिक आदेश और शुरुआत की तारीख की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना से इन विवरणों की पुष्टि कर लेना उचित होगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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