राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार को रोहिणी इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश के दौरान एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे कई लोग फंसे हो सकते हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, आपदा राहत दल और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और मलबे को हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
बारिश के बीच अचानक ढहा मकान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मकान की संरचना कमजोर हो गई थी। इसी दौरान अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों ने तेज आवाज सुनकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।
मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते राहत दल अत्यधिक सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। बचावकर्मी जीवन रक्षक उपकरणों का उपयोग करते हुए मलबे के भीतर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
अधिकारियों ने आसपास के लोगों से अपील की है कि वे बचाव कार्य में बाधा न डालें और घटनास्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
आसपास के मकानों की भी जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों का भी निरीक्षण शुरू कर दिया है। लगातार बारिश को देखते हुए उन भवनों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है, जिनमें संरचनात्मक कमजोरी की आशंका हो सकती है।
जरूरत पड़ने पर ऐसे मकानों को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और आवागमन में दिक्कतें सामने आ रही हैं। कई सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने भी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ समय तक भारी बारिश की संभावना जताई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने की सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान जर्जर या कमजोर इमारतों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों को सूचना दें।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे को पूरी तरह हटाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और किसी प्रकार की जनहानि हुई है या नहीं।








