दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के आज के सत्र में भारत की आर्थिक क्षमता पर गहन चर्चा होने वाली है। इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी एक महत्वपूर्ण पैनल में हिस्सा ले रही हैं और अपना संबोधन देंगी।
यह सत्र “क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है?” (Can India Become the Third Largest Economy in the World?) विषय पर केंद्रित है, जो सेंटर फॉर रीजन्स, ट्रेड एंड जियोपॉलिटिक्स के तहत आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम भारतीय समयानुसार आज दोपहर 2:45 से 3:30 बजे तक चलेगा और इसका लाइव प्रसारण भी होगा।
वर्तमान में भारत 6.5 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है। इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश, UPI जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार ने इस रफ्तार को मजबूती दी है। IMF के अनुमान के मुताबिक, यदि सुधारों की गति बनी रही तो भारत 2027-2030 के बीच जापान को पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। 2026 में विकास दर 6.6 से 7.3 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।
हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं—अमेरिकी टैरिफ नीतियां, वैश्विक व्यापार तनाव, रोजगार की कमी, राजकोषीय दबाव और उत्पादकता में असमानता जैसे मुद्दे भारत की राह में बाधा बन सकते हैं। इस सत्र में इन सब पर विस्तार से बात होगी कि क्या भारत इन चुनौतियों को पार कर अपनी ग्रोथ ट्रैजेक्टरी को बनाए रख पाएगा।
कली पुरी के साथ इस पैनल में शामिल अन्य प्रमुख वक्ता हैं:
- सुनील भारती मित्तल (चेयरमैन, भारती एंटरप्राइजेज)
- गीता गोपीनाथ (प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी)
- अश्विनी वैष्णव (केंद्रीय मंत्री – इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और सूचना प्रसारण)
- जुवेंसियो माएज्तु हेरेरा (सीईओ, आईकेईए – INGKA ग्रुप)
WEF 2026 की यह वार्षिक बैठक “A Spirit of Dialogue” थीम पर दावोस, स्विट्जरलैंड में चल रही है, जिसमें 65 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख शामिल हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चित दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत की मजबूत स्थिति पर वैश्विक मंच पर सकारात्मक चर्चा हो रही है।






