महाराष्ट्र: अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ताजा मामले में अस्पताल के अंदर इमरजेंसी और कैबिन के पास उस समय भारी हंगामा मच गया, जब मरीज के तीमारदारों ने इलाज में देरी और बातचीत का आरोप लगाकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते यह बहस तीखी झड़प और हाथापाई में बदल गई। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के साथ अभद्रता करते हुए उनके साथ मारपीट की, जिसके बाद अस्पताल परिसर में अराकता फैल गई।
यह पूरी खौफनाक वारदात अस्पताल के गलियारे और डॉक्टर के कैबिन में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और CCTV फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान और मामले की जांच शुरू कर दी है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल स्टाफ के अनुसार, एक मरीज को गंभीर स्थिति में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मरीज का प्राथमिक उपचार कर रहे थे और उनके स्वास्थ्य और दवाओं के संबंध में परिजनों को जानकारी दे रहे थे।
इसी दौरान मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज शुरू करने में देरी करने और सही तरीके से बात न करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। डॉक्टर ने जब उन्हें समझाने और प्रक्रिया का पालन करने की बात कही, तो परिजन आपा खो बैठे। बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी कैबिन में घुस आए और डॉक्टर के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई पर उतर आए।
CCTV फुटेज में कैद हुआ मारपीट का दृश्य
अस्पताल से सामने आए CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह आरोपी डॉक्टर के केबिन के बाहर और अंदर हंगामा कर रहे हैं। फुटेज में एक युवक डॉक्टर पर चिल्लाते हुए उन पर हमला कर देता है। अस्पताल के अन्य कर्मचारी और गार्ड जब डॉक्टर को बचाने के लिए दौड़ते हैं, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की जाती है।
हंगामे और चीख-पुकार के कारण अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
डॉक्टरों में भारी आक्रोश, कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद अस्पताल के मेडिकल स्टाफ और रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी रोष व्याप्त है। डॉक्टर एसोसिएशन ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टरों पर इस तरह के जानलेवा हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं किया और अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो वे ओपीडी (OPD) और गैर-आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार कर हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
पुलिस का बयान: दर्ज हुई FIR, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस टीम ने पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।








