दिल्ली पुलिस ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) बताया है।
घटना का विवरण: 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी टी-शर्ट पर राजनीतिक संदेश छिपाकर दिखाए। ये कार्यकर्ता QR कोड से रजिस्ट्रेशन कराकर समिट में प्रवेश कर गए थे। प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ, जिससे काफी हंगामा मचा।
पुलिस कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें उदय भानु चिब शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, चिब ने विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं को संगठित किया और प्रदर्शन की पूरी योजना बनाई। उन्हें तिलक मार्ग थाने में 15-20 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार (24 फरवरी 2026) तड़के करीब 4:30 बजे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस का दावा है कि चिब ने जांच में सहयोग नहीं किया और जांच को गुमराह करने की कोशिश की।
कोर्ट में पेशी और फैसला: पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किए जाने पर पुलिस ने उदय भानु चिब के लिए 7 दिनों की रिमांड मांगी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उन्हें 4 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बचाव पक्ष के वकील ने कस्टडी की मांग को हास्यास्पद बताया और कहा कि चिब घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे, उन्होंने जांच में सहयोग किया और शर्टलेस प्रदर्शन से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है। वकील ने इसे लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का मामला बताते हुए राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गिरफ्तारी की निंदा की और इसे केंद्र सरकार की तानाशाही बताया। राहुल गांधी ने पहले उदय भानु चिब को ‘बब्बर शेर’ कहा था।






