जापान में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की सैलरी और टैक्स पर वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। एक कंटेंट क्रिएटर ‘डोलेश’ द्वारा शेयर किया गया यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बेंगलुरु के दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स ने जापान में अपनी कमाई और टैक्स की सच्चाई बताई है।
वीडियो में इंजीनियर्स ने बताया कि जापान में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शुरुआती सैलरी (फ्रेशर्स के लिए) करीब 30 लाख येन सालाना होती है, जो भारतीय रुपये में लगभग 17 लाख रुपये के बराबर है। 2-3 साल के अनुभव के बाद यह बढ़कर 45 से 50 लाख येन (करीब 25-30 लाख रुपये) तक पहुंच सकती है।
हालांकि, असली चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब उन्होंने खुलासा किया कि इस कमाई पर उन्हें सालाना करीब 3 लाख रुपये का इनकम टैक्स चुकाना पड़ता है। जापान की प्रोग्रेसिव टैक्स सिस्टम (5% से 45% तक), लोकल इनहैबिटेंट टैक्स और सोशल इंश्योरेंस (पेंशन, हेल्थ आदि) की वजह से डिडक्शन काफी ज्यादा होता है, जिससे टेक-अवे सैलरी काफी प्रभावित होती है।
यह खुलासा सोशल मीडिया यूजर्स के बीच गर्म बहस छेड़ रहा है। कई लोग कह रहे हैं कि इतनी टैक्स के बाद जापान जाना फायदेमंद नहीं लगता, खासकर भारत में उच्च सैलरी वाले टेक जॉब्स की तुलना में। कुछ यूजर्स ने कमेंट किया, “17 लाख की सैलरी पर 3 लाख टैक्स? फिर विदेश क्यों जाएं?” वहीं कुछ ने जापान की लाइफ क्वालिटी, सेफ्टी और वर्क-लाइफ बैलेंस की तारीफ की।
कंटेंट क्रिएटर ने वीडियो कैप्शन में लिखा, “कौन-कौन जापान आना चाहता है, बताओ?” यह वीडियो NDTV, Aaj Tak, Zee News, Hindustan Times, Economic Times जैसी कई बड़ी मीडिया हाउसेज में कवर किया जा रहा है, और लाखों व्यूज के साथ ट्रेंड कर रहा है।






