11 जनवरी 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 में कुल 1.25% (125 bps) की बंपर कटौती की थी, जिससे रेपो रेट अब 5.25% पर पहुंच गया है। इससे लोन सस्ते हुए हैं, लेकिन बैंकों ने FD पर ब्याज दरें भी घटा दी हैं। फिर भी, कुछ प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) अभी भी वरिष्ठ नागरिकों (60+ उम्र) को आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं।
खास बात: टॉप 10 सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले बैंकों में एक भी सरकारी बैंक नहीं है – सभी प्राइवेट सेक्टर या स्मॉल फाइनेंस बैंक हैं। ये दरें < ₹3 करोड़ तक की डिपॉजिट पर लागू हैं (जनवरी 2026 तक अपडेटेड, Paisabazaar, BankBazaar, Zee News, Business Standard आदि से)। दरें बदल सकती हैं, इसलिए बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करें।
टॉप 10 बैंक जहां वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा FD ब्याज मिल रहा है:
- ESAF Small Finance Bank → 8.10% (444 दिनों की अवधि पर) – सबसे ऊपर!
- Equitas Small Finance Bank → 7.80% (888 दिनों पर)
- Slice Small Finance Bank → 7.75% (18 महीने 1-2 दिनों पर)
- Jana Small Finance Bank → 8.00% (कुछ विशेष अवधियों पर, हालिया रिवाइज्ड)
- Shivalik Small Finance Bank → 8.00% (जनवरी 2026 से प्रभावी)
- Suryoday Small Finance Bank → 8.00% (वरिष्ठों के लिए मैक्सिमम)
- RBL Bank → 7.70% (1-3 साल की अवधि पर)
- Bandhan Bank → 7.70% (1-3 साल पर)
- IndusInd Bank → 7.50% (6-12 महीने या 1-3 साल पर)
- YES Bank → 7.75% (1-3 साल की अवधि पर)
नोट: स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) अक्सर सबसे ज्यादा दरें देते हैं क्योंकि वे डिपॉजिट आकर्षित करने के लिए आक्रामक होते हैं, लेकिन इनमें रिस्क थोड़ा ज्यादा माना जाता है (DICGC इंश्योरेंस ₹5 लाख तक सुरक्षित)। बड़े प्राइवेट बैंक जैसे ICICI, HDFC, Axis आदि 6.95%-7.20% के आसपास दे रहे हैं।
क्यों घट रही हैं FD दरें?
RBI की 2025 में 1.25% कटौती (फरवरी, अप्रैल, जून, दिसंबर में) से बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ी है, जिससे FD पर ब्याज कम हो रहा है। 2026 में और कटौती की संभावना है, तो जल्दी लॉक करें अगर अच्छी दर मिल रही है!
सलाह:
- लंबी अवधि (3-5 साल+) पर ज्यादा रिटर्न मिलता है।
- सुपर सीनियर (80+ उम्र) को कुछ बैंकों में एक्स्ट्रा 0.50-0.75% मिलता है।
- TDS: ब्याज ₹50,000 से ज्यादा होने पर कटता है (वरिष्ठों के लिए थ्रेशोल्ड)।
- Form 15H जमा करके TDS बचाएं अगर इनकम टैक्स नहीं लगता।
- हमेशा DICGC कवर चेक करें और कई बैंकों में फैलाकर निवेश करें।






