नई दिल्ली। 7 फरवरी 2026 (शनिवार) को पूरे भारत में ओला, उबर, रैपिडो और अन्य ऐप-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़े लाखों ड्राइवरों ने देशव्यापी हड़ताल (ऑल इंडिया ब्रेकडाउन) का आह्वान किया है। ड्राइवरों ने अपने ऐप्स लॉग-आउट रखकर काम बंद कर दिया है, जिससे कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाएं ठप हो गई हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर समेत कई बड़े शहरों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल का विवरण
- नाम: ऑल इंडिया ब्रेकडाउन
- समय: पूरे दिन या कम से कम 6 घंटे तक (कई जगहों पर ड्राइवर सुबह से ही ऑफलाइन)
- शामिल प्लेटफॉर्म: ओला, उबर, रैपिडो, पोर्टर आदि (कुछ जगहों पर स्विगी, जोमैटो जैसे डिलीवरी वर्कर्स भी शामिल)
- आयोजक: तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU), महाराष्ट्र कामगार सभा, इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) सहित अन्य यूनियंस
ड्राइवरों ने इसे “अंतहीन शोषण” के खिलाफ संघर्ष बताया है। कई शहरों में ड्राइवर सड़कों पर उतरे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।
ड्राइवरों की प्रमुख मांगें
- न्यूनतम बेस किराया (Minimum Base Fare) की अधिसूचना: केंद्र सरकार तुरंत मोटर वाहन एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के तहत न्यूनतम आधार किराया तय करे। ड्राइवरों का आरोप है कि प्लेटफॉर्म कंपनियां मनमाने ढंग से किराया तय करती हैं, जिससे उनकी कमाई लगातार घट रही है और आय अस्थिर हो गई है।
- निजी वाहनों (सफेद नंबर प्लेट) के व्यावसायिक उपयोग पर रोक: सफेद प्लेट वाले निजी वाहनों का कमर्शियल इस्तेमाल (जैसे बाइक टैक्सी) बंद हो, क्योंकि इससे पीली प्लेट वाले व्यावसायिक ड्राइवरों की कमाई पर सीधा असर पड़ता है। इसे “अवैध” बाइक टैक्सी कहा जा रहा है।
- पैनिक बटन और अन्य अनुपालन लागतों में राहत: अनिवार्य पैनिक बटन इंस्टॉलेशन से ड्राइवरों पर करीब ₹12,000 का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कई यूनियंस ने इसे अनुचित बताया और पुराने डिवाइस हटाने की मांग की।
- पारदर्शी निगरानी और नियामक तंत्र: सरकार एक स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त करे जो कंपनियों की किराया नीति और गतिविधियों पर नजर रखे। साथ ही, 2025 गाइडलाइंस में आवश्यक प्रावधान जोड़े जाएं या पूरी पॉलिसी रद्द की जाए।
- अन्य: ड्राइवरों की आय सुरक्षा, शोषण रोकना और बेहतर कार्यशर्तें।
यात्रियों पर असर
- कई शहरों में कैब बुकिंग नहीं हो पा रही, वेटिंग टाइम बहुत लंबा या सर्विस अनुपलब्ध।
- एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों पर लोगों को ऑफलाइन टैक्सी या ऑटो ढूंढने पड़ रहे हैं।
- जयपुर एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवायजरी जारी की है, जिसमें पहले से प्लानिंग करने की सलाह दी गई है।
- कंपनियों (ओला, उबर, रैपिडो) ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।






