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March 22, 2026 12:39 pm

हिंद महासागर तक जंग! ईरान ने डिएगो गार्सिया US-UK बेस पर मिसाइल दागी – हमला फेल, ब्रिटेन भड़का

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अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध अब मिडिल ईस्ट की सीमाओं को पार कर हिंद महासागर तक फैल गया है। ईरान ने डिएगो गार्सिया (Diego Garcia) द्वीप पर स्थित संयुक्त अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया – यह युद्ध में ईरान का अब तक का सबसे लंबी दूरी वाला और सबसे महत्वाकांक्षी हमला माना जा रहा है। हालांकि हमला असफल रहा, लेकिन इससे ईरान की मिसाइल क्षमता पर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने यूरोप के कई शहरों को भी खतरे में डाल दिया है। ब्रिटेन ने इसे “लापरवाह और खतरनाक” करार देते हुए कड़ी निंदा की है, जबकि अमेरिका ने पुष्टि की कि कोई नुकसान नहीं हुआ।

घटना का पूरा विवरण (21 मार्च 2026)

  • ईरान ने दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें (IRBM) दागीं – दूरी लगभग 3,700 से 4,000 किलोमीटर (2,300-2,500 मील)।
  • डिएगो गार्सिया ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी में एक छोटा लेकिन अत्यंत रणनीतिक द्वीप है, जहां अमेरिका के B-52 बॉम्बर, B-1B लैंसर, B-2 स्टेल्थ बॉम्बर, सबमरीन, युद्धपोत और लॉन्ग-रेंज ऑपरेशंस के लिए बेस है। यह होर्मुज़ स्ट्रेट और मिडिल ईस्ट से बहुत दूर है, इसलिए पहले ईरान की मिसाइलें यहां पहुंचने में असमर्थ मानी जाती थीं।
  • वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ), BBC, CNN, Al Jazeera और Bloomberg जैसी प्रमुख मीडिया ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया:
    • एक मिसाइल फ्लाइट में फेल हो गई (मालफंक्शन या टेक्निकल खराबी)।
    • दूसरी को अमेरिकी युद्धपोत ने SM-3 इंटरसेप्टर मिसाइल से रोका – इंटरसेप्शन सफल रही, मिसाइल बेस तक नहीं पहुंची।
  • कोई नुकसान नहीं हुआ, कोई हताहत नहीं – बेस पूरी तरह सुरक्षित रहा।
  • ईरान ने इसे “सफल टेस्ट” बताया और कहा कि IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स) की मिसाइल अब 4,000+ किमी की रेंज रखती है – इससे बर्लिन, पेरिस, रोम जैसे यूरोपीय शहर भी रेंज में आ गए हैं। ईरान ने दावा किया कि यह हमला मॉडिफाइड स्पेस लॉन्च व्हीकल या Khorramshahr-4 जैसी एडवांस्ड मिसाइल से किया गया।

ब्रिटेन की कड़ी प्रतिक्रिया

  • ब्रिटिश विदेश सचिव यवेट कोपर ने कहा: “ईरान के लापरवाह हमले” की निंदा। ब्रिटेन ने इसे “रेकलेस” और “ब्रिटिश हितों और सहयोगियों के लिए खतरा” बताया।
  • ब्रिटिश मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (MoD) ने पुष्टि की कि हमला UK के अमेरिका को बेस इस्तेमाल करने की अनुमति देने के ठीक पहले हुआ – ब्रिटेन ने RAF Fairford (इंग्लैंड) और डिएगो गार्सिया को “सीमित डिफेंसिव ऑपरेशंस” के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत दी है, खासकर होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरानी हमलों के जवाब में।
  • ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि वह युद्ध में सीधे हमलावर नहीं बनेगा, लेकिन अमेरिका को डिफेंसिव सपोर्ट देगा।

डिएगो गार्सिया क्यों इतना महत्वपूर्ण?

  • यह अमेरिका का सबसे दूरस्थ और सुरक्षित बेस है – इंडियन ओशन में स्थित, जहां से B-52 जैसे बॉम्बर ईरान पर हमले कर सकते हैं।
  • ईरान का यह हमला पहली बार मिडिल ईस्ट से बाहर इतनी दूर लक्ष्य पर – इससे ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल रेंज पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ।
  • विशेषज्ञों (DW, Bloomberg, Times of Israel) का कहना है कि ईरान ने पहले 2,000-3,000 किमी रेंज वाली मिसाइलें दिखाई थीं, लेकिन अब 4,500 किमी तक की क्षमता का दावा कर रहा है – इससे पश्चिमी यूरोप (जर्मनी के रामस्टीन बेस सहित) खतरे में।
  • जर्मनी में चिंता बढ़ी है कि अमेरिकी ऑपरेशंस के कारण रामस्टीन भी टारगेट हो सकता है।

युद्ध का नया और खतरनाक चरण

  • ट्रंप की 48 घंटे डेडलाइन (होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की) के बीच ईरान ने जवाबी हमले तेज किए – डिमोना पर हमला, होर्मुज़ बंदी, अब डिएगो गार्सिया।
  • अमेरिका-इजराइल ईरान पर हमले तेज कर रहे हैं, ईरान मिसाइल-ड्रोन से जवाब दे रहा है।
  • ईरान का संदेश साफ: “कोई जगह सुरक्षित नहीं” – लेकिन असफल हमला अमेरिकी मिसाइल डिफेंस (SM-3) की ताकत दिखाता है।
  • वैश्विक प्रभाव: तेल कीमतें बढ़ रही हैं, यूरोप में अलर्ट, हिंद महासागर में नेवल ऑपरेशंस बढ़ सकते हैं।
Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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