धमाके के कुछ घंटों बाद खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर (बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े) ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सनसनीखेज बयान जारी किया। उन्होंने लिखा:
“1 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ सेक्टर-37 में हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी सुखजिंदर सिंह बब्बर लेता है। हम भारतीय सिस्टम को संदेश देना चाहते थे कि पंजाब के सिख युवाओं को खत्म करने की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के सिख युवाओं के खिलाफ हो रही “हत्या और साजिश” का यह जवाब है। बयान में गurdaspur में रंजीत सिंह हत्याकांड का भी जिक्र किया गया और खालिस्तान की मांग को दोहराया गया।
5 बड़ी बातें:
- हमले का तरीका: CCTV फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिख रहे हैं। एक ने ग्रेनेड फेंका जबकि दूसरे ने वीडियो बनाया। हमलावर स्कूटी या दोपहिया वाहन पर सवार थे। धमाका कम तीव्रता का था, संभवतः चीनी ग्रेनेड P86 का इस्तेमाल हुआ।
- कोई हताहत नहीं: भाजपा कार्यालय में उस समय कुछ लोग मौजूद थे, लेकिन धमाका बाहर हुआ। आसपास अफरा-तफरी मच गई, लेकिन जान-माल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
- सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता: चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस और NIA ने मामले की जांच शुरू कर दी है। NIA आतंकवाद की एंगल से पूरे मामले की छानबीन कर रही है। दोनों हमलावरों की तलाश जारी है।
- भाजपा का रिएक्शन: पंजाब भाजपा ने इस हमले की निंदा की और इसे खालिस्तानी आतंकवाद की साजिश बताया। पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- पृष्ठभूमि: पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह घटना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां खालिस्तानी तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की आशंका जता रही हैं।
विशेषज्ञों और पुलिस की राय:
चंडीगढ़ पुलिस की SSP कंवरदीप कौर ने इसे “लो इंटेंसिटी एक्सप्लोजन” बताया। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि यह हमला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए प्रचारित करने के मकसद से किया गया था।
पंजाब के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार दोनों ने इस घटना पर चिंता जताई है। गृह मंत्रालय ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय निगरानी शुरू कर दी है।
अपडेट: पुलिस ने इलाके की सीलिंग कर दी है। CCTV फुटेज और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर छापेमारी जारी है। सुखजिंदर सिंह बब्बर पहले भी खालिस्तानी गतिविधियों से जुड़ा रहा है और भारत में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।







