रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूस को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मॉस्को के ‘इनफाईनाइट कन्वरसेशन’ के जाल में नहीं फंसेंगे. उन्होंने रूस के मंशाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि यह तय किया जाए कि रूस शांति चाहता है या सिर्फ समय बर्बाद कर रहा है. रुबियो का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को लेकर गहमागहमी बनी हुई है.
ब्रसेल्स में नाटो अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद मीडिया से बात करते हुए रुबियो ने कहा राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार और बेनतीजा बैठकों के लिए नहीं हैं. अब हमें हफ्तों में यह जान लेना होगा कि क्या रूस वास्तव में युद्ध रोकने के पक्ष में है. उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन ने पूर्ण संघर्षविराम की दिशा में सकारात्मक पहल की है और बातचीत के लिए जगह बनाई है.
अब फैसला पर पुतिन की बारी
रुबियो ने कहा कि अब फैसला रूस और राष्ट्रपति पुतिन को करना है कि वे शांति के लिए ईमानदार हैं या नहीं. अगर यह सब सिर्फ एक चाल है ताकि रूस समय खींच सके, तो अमेरिका उस खेल का हिस्सा नहीं बनेगा. उन्होंने दो टूक कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अब सिर्फ दिखावे की बातचीत में नहीं उलझेंगे.
नाटो ने भी जताई चिंता
इस बीच, नाटो के सहयोगी देशों ने ट्रंप की मॉस्को नीति पर चिंता जताई है. वे चाहते हैं कि अमेरिका रूस के प्रति सख्त रुख अपनाए और किसी भी तरह की ढील ना दी जाए. हाल के दिनों में युद्धविराम की कोशिशों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच हमले जारी हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
कुछ ही दिनों में सब क्लियर होगा
हालांकि ट्रंप प्रशासन लगातार रूस के साथ संबंध सामान्य करने की बात करता रहा है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने अब साफ कर दिया है कि धीमी वार्ता की प्रक्रिया से वे नाराज हैं. अमेरिका चाहता है कि अब रूस बिना किसी बहाने के युद्धविराम और शांति बहाली की दिशा में गंभीरता से कदम उठाए. आने वाले कुछ हफ्तों में तय हो जाएगा कि रूस की मंशा क्या है और ट्रंप प्रशासन अपने रुख को कैसे आगे बढ़ाता है.
