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February 28, 2026 5:50 pm

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US-इज़राइल ने ईरान पर हमला किया: क्रूड ऑयल में भारी उछाल, 2 मार्च को स्टॉक मार्केट में बिकवाली का दबाव और महंगाई का खतरा!

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अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़ा हमला किया है। शनिवार (28 फरवरी 2026) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान में “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” शुरू कर दिए हैं। इज़राइल ने भी ईरान पर मिसाइल हमले किए, जिसमें तेहरान सहित कई जगहों पर विस्फोट की खबरें हैं। यह हमला ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से किया गया है। ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन “मैसिव एंड ऑंगोइंग” है और अमेरिका “ओवरवेल्मिंग स्ट्रेंथ” का इस्तेमाल कर रहा है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल

इस हमले के बाद ग्लोबल ऑयल मार्केट में भारी उथल-पुथल मची हुई है। ईरान दुनिया का प्रमुख तेल उत्पादक देश है और होर्मुज स्ट्रेट (जिससे दुनिया का करीब 20% तेल ट्रेड होता है) के करीब स्थित है। हमले के बाद तेल की कीमतों में जोखिम प्रीमियम (war premium) जुड़ गया है।

  • ब्रेंट क्रूड: लगभग $72-73 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है (पिछले दिनों से 2-3% की तेजी)।
  • WTI क्रूड: $67-68 प्रति बैरल के स्तर पर।
  • MCX पर भारतीय क्रूड ऑयल फ्यूचर्स भी ₹6000-6100 के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें 0.5-1% की बढ़ोतरी देखी गई।

विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर ईरान जवाबी कार्रवाई में होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करता है या क्षेत्रीय तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करता है, तो क्रूड कीमतें $90-110 प्रति बैरल तक जा सकती हैं। अभी शुरुआती रिएक्शन में 3-5% की तेजी आ चुकी है, और सोमवार को मार्केट खुलने पर और उछाल संभव है।

2 मार्च 2026 (सोमवार) को स्टॉक मार्केट्स पर क्या असर पड़ सकता है?

भारतीय शेयर बाजार (निफ्टी, सेंसेक्स) और ग्लोबल मार्केट्स पर यह घटना नेगेटिव असर डाल सकती है। मुख्य कारण:

  1. ऊंची क्रूड कीमतें → महंगाई का दबाव: भारत 80-85% क्रूड आयात करता है। कीमतें बढ़ने से पेट्रोल-डीजल महंगा होगा, जिससे ट्रांसपोर्ट, FMCG, ऑटो और एविएशन सेक्टर पर खर्च बढ़ेगा। इससे कंज्यूमर स्पेंडिंग घट सकती है और महंगाई बढ़ेगी। RBI के लिए भी ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है।
  2. रिस्क ऑफ सेलिंग: ग्लोबल अनिश्चितता से FII (विदेशी निवेशक) निकासी कर सकते हैं। पिछले ऐसे घटनाक्रमों में सेंसेक्स/निफ्टी में 1-3% की गिरावट देखी गई है।
  3. सेक्टर-वाइज प्रभाव:
    • नेगेटिव: बैंकिंग, ऑटो, FMCG, रियल एस्टेट, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (महंगाई और कमजोर डिमांड से)।
    • पॉजिटिव/कम प्रभावित: ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनियां जैसे ONGC, Oil India (उच्च क्रूड से फायदा), डिफेंस स्टॉक्स (जियोपॉलिटिकल टेंशन से)।
    • ग्लोबल स्तर पर भी US स्टॉक्स में गिरावट देखी जा सकती है, खासकर टेक और ग्रोथ सेक्टर में।

संभावित परिदृश्य 2 मार्च को:

  • ओपनिंग में गैप-डाउन (1-2% नीचे) संभव।
  • अगर ईरान की ओर से कोई बड़ा जवाबी हमला नहीं होता, तो दिन के दौरान रिकवर हो सकता है।
  • लेकिन अगर एस्केलेशन बढ़ता है (जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में डिस्टर्बेंस), तो 3-5% तक की गिरावट आ सकती है।

यह स्थिति तेजी से बदल रही है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, हेजिंग (ऑप्शंस/गोल्ड) पर विचार करें और लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स पैनिक सेलिंग से बचें। अपडेट्स के लिए न्यूज ट्रैक करते रहें।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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