वाराणसी के ऐतिहासिक उदय प्रताप (यूपी) ऑटोनॉमस कॉलेज में शुक्रवार (20 मार्च 2026) सुबह करीब 11 बजे एक बेहद क्रूर और फिल्मी अंदाज वाली हत्याकांड हुआ, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। बीएससी गणित चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23 वर्ष, गाजीपुर के दुबैथा/दुबेथा गांव निवासी) को कॉलेज के सामाजिक विज्ञान संकाय के गलियारे में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियों से भून दिया गया। आरोपी मंजीत चौहान (एमए सेकंड ईयर/बीए द्वितीय वर्ष छात्र, चांदमारी निवासी) ने पहले सीने में कई गोलियां मारीं, फिर पीड़ित के सीने पर चढ़कर धड़कन चेक की – जब पता चला कि अभी जिंदा हैं, तो कनपटी पर बंदूक सटाकर दो और गोलियां मार दीं। कुल 4 से 8 गोलियां (विभिन्न रिपोर्ट्स में संख्या 4-8 बताई जा रही है) चलीं, जिनमें से ज्यादातर सिर और छाती में लगीं।
विवाद की शुरुआत और पुरानी रंजिश
- सुबह सूर्य प्रताप सिंह ने मंजीत से शर्ट की बांह मोड़ने को लेकर टोका – “शर्ट की बांह मोड़कर क्यों आए हो?” – जिससे छोटा-सा विवाद शुरू हुआ।
- मंजीत ने प्राचार्य से शिकायत की, लेकिन बाहर निकलते ही पुरानी दुश्मनी भड़क उठी।
- दोनों के बीच रैगिंग, वर्चस्व और मारपीट की पुरानी रंजिश थी। सूर्य प्रताप हॉस्टल में रहते थे और उनके दोस्तों के साथ मिलकर मंजीत को कई बार पीटा था – एक बार हाथ के कड़े से सिर पर वार भी किया गया था।
- मंजीत ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि सूर्य प्रताप अकेले मिलते ही साथियों के साथ पीट देते थे। इससे वह काफी आहत था और बदला लेने की योजना बना रहा था।
- मंजीत ने भदोही से अवैध पिस्टल खरीदी थी, जो घटना में इस्तेमाल हुई।
क्रूर हत्या का क्रम (प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो के आधार पर)
- मंजीत ने पिस्टल निकाली और सूर्य को दौड़ा लिया।
- आर्ट्स/सामाजिक विज्ञान संकाय के गलियारे/बरामदे में (प्रिंसिपल ऑफिस के ठीक बाहर) पहुंचते ही फायरिंग शुरू – पहले सीने में 4-5 गोलियां।
- सूर्य औंधे मुंह गिर पड़े। मंजीत ने उनके सीने पर चढ़कर नब्ज/धड़कन चेक की – जब धड़कन चल रही थी, तो कनपटी पर सटाकर दो और गोलियां मार दीं (मौत सुनिश्चित करने के लिए)।
- एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मंजीत सूर्य पर चढ़कर गोली मारता दिख रहा है – यह घटना कॉलेज के अंदर ही हुई।
- फायरिंग के बाद मंजीत ने पिस्टल कूड़ेदान में फेंकी और कॉलेज की बाउंड्री वॉल फांदकर भागा – भागते समय पैर में फ्रैक्चर हो गया, जिससे वह लंगड़ाता हुआ दिखा।
पुलिस की तेज कार्रवाई और गिरफ्तारी
- घटना के मात्र 6-10 घंटे के भीतर शिवपुर पुलिस और एसओजी टीम ने मंजीत चौहान को सेंट्रल जेल रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया।
- पूछताछ में मंजीत ने हत्या कबूल की – खुद को “माफिया” और “डॉन” बताते हुए सोशल मीडिया पर भी ऐसा ही प्रोफाइल बनाया था।
- पुलिस ने पिस्टल, जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए। साथी अनुज ठाकुर/सिंह की तलाश जारी है – दोनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज।
- वाराणसी डीसीपी प्रमोद कुमार ने पुष्टि की – मामला IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत दर्ज, जांच जारी। आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कॉलेज में उग्र प्रदर्शन, परिवार का गुस्सा और अंतिम संस्कार
- हत्याकांड के बाद छात्रों ने भारी प्रदर्शन किया – तोड़फोड़, पत्थरबाजी, प्राचार्य के इस्तीफे की मांग।
- सूर्य प्रताप के पिता (रिशिदेव सिंह, स्कूल शिक्षक) ने अंतिम संस्कार तक इनकार कर दिया – “पहले आरोपी का एनकाउंटर हो”। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से समझाया, आधी रात 12:30 बजे अंतिम संस्कार हुआ।
- सूर्य प्रताप एक मिलनसार, होनहार और लोकप्रिय छात्र थे – परिवार में इकलौता बेटा, पिता-मां (किरण सिंह) बड़े सपने देखते थे।
- घटना ने कॉलेज कैंपस में असलहे की उपलब्धता, रैगिंग और छात्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।






