उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 11 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का 9,12,696 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पेश किए इस बजट में पिछले साल से 12.9% की बढ़ोतरी की गई है। इस बजट का बड़ा हिस्सा महिलाओं (आधी आबादी) के सशक्तिकरण, शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित है। साथ ही पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों को विशेष पैकेज मिलेगा।
महिलाओं और बेटियों के लिए प्रमुख घोषणाएं ✨
- प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास (वर्किंग वुमन हॉस्टल और छात्राओं के लिए) की योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। सभी जिलों में धनराशि आवंटित की गई है, जिससे बेटियों की सुरक्षा और उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी।
- सभी विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोलने के लिए बजट प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।
- मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत 400 करोड़ रुपये आवंटित। योग्य मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलेगी, जो उनकी मोबिलिटी और आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी।
- महिला उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त धनराशि। महिलाओं को अलग स्किल ट्रेनिंग सेंटर और वर्कफोर्स में भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष केंद्र बनाए जाएंगे।
- वृद्धावस्था, विधवा, निराश्रित महिला और दिव्यांगों की पेंशन में बढ़ोतरी की संभावित घोषणा। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पेंशन राशि बढ़ाकर लाभार्थियों को राहत दी जाएगी।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज
- इन पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए विकास निधि के तहत लगभग 2,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित।
- विभागीय योजनाओं में इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और रोजगार में तेजी आए।
अन्य प्रमुख हाइलाइट्स
- कुल बजट में 43,000 करोड़+ की नई योजनाएं शुरू।
- शिक्षा पर 12.4%, स्वास्थ्य पर 6% और कृषि पर 9% आवंटन।
- 10 लाख युवाओं को रोजगार, बेटियों की शादी के लिए सहायता बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने जैसी घोषणाएं।
- पूंजीगत व्यय के लिए 2.5 लाख करोड़+ का प्रावधान, जो विकास कार्यों को गति देगा।
यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूत करता है, खासकर महिलाओं, युवाओं और पिछड़े क्षेत्रों पर फोकस के साथ। 2027 के चुनाव से पहले यह बजट सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों और समावेशी विकास का मजबूत संदेश देता है।






