ट्रंप के फैसले फिर से ‘मूड स्विंग’ मोड में! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2026 को उनके पिछले बड़े टैरिफ फैसलों को अवैध करार देते हुए रोक लगा दी थी, लेकिन ट्रंप रुके नहीं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ठीक एक दिन बाद शुक्रवार को उन्होंने सभी देशों से आने वाले आयात पर 10% का नया वैश्विक टैरिफ (import surcharge) लगाने की घोषणा की, जो 24 फरवरी 2026 से 150 दिनों के लिए प्रभावी होगा। लेकिन शनिवार को उन्होंने इसे और बढ़ाकर 15% कर दिया! ट्रंप ने सोशल मीडिया (ट्रुथ सोशल) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह फैसला कोर्ट के “बेतुके, खराब ढंग से लिखे और अमेरिका-विरोधी” फैसले की समीक्षा के बाद लिया गया है। उन्होंने पुराने टैरिफ को Section 122 ऑफ ट्रेड एक्ट 1974 के तहत लगाया है, जो अधिकतम 15% तक की अनुमति देता है।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
- पहले भारत-अमेरिका के बीच फरवरी 2026 के अंतरिम व्यापार समझौते के बाद भारतीय सामान पर अमेरिकी टैरिफ 50% (जिसमें रूस से तेल खरीद की वजह से पेनल्टी शामिल थी) से घटाकर 18% कर दिया गया था।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उम्मीद थी कि यह और कम होकर सामान्य स्तर (लगभग 3.5%) पर आ जाएगा।
- लेकिन नए 15% वैश्विक टैरिफ के साथ भारत पर प्रभावी दर अब लगभग 18.5% रह सकती है—यानी पहले से थोड़ी ज्यादा।
- कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत को लाभ हो सकता है और दर 10% तक आ सकती है, लेकिन ज्यादातर स्रोतों के अनुसार यह 15% वैश्विक + पहले से मौजूद दरों का कॉम्बिनेशन होगा, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है।
- भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वे स्थिति का अध्ययन कर रहे हैं। यह फैसला भारतीय निर्यात (जैसे स्टील, फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी प्रोडक्ट्स आदि) को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि अमेरिका भारत का बड़ा बाजार है।
ट्रंप का कहना है कि कई देश दशकों से अमेरिका का “फायदा” उठा रहे थे, और यह कदम अमेरिकी उद्योगों को मजबूत करने के लिए है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक व्यापार में और अस्थिरता आएगी, और भारत-अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं पर असर पड़ सकता है।






