अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और Iran के बीच तनाव कम करने और संभावित युद्ध को खत्म करने को लेकर बातचीत हुई थी। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इस बयान को पूरी तरह गलत बताते हुए साफ इनकार कर दिया है।
ट्रंप ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण थे, लेकिन उस समय दोनों देशों के बीच टकराव खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिश की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उस समय बातचीत आगे बढ़ती, तो मध्य-पूर्व में बड़े संघर्ष को टाला जा सकता था।
ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया आई। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Nasser Kanaani ने कहा कि ट्रंप का यह दावा सच नहीं है और इस तरह की कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने कार्यकाल में कई बार तनाव बढ़ाने वाले कदम उठाए थे, इसलिए बातचीत की बात करना वास्तविकता से दूर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, खासकर Iran Nuclear Deal से अमेरिका के बाहर होने के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया था। इसके बाद खाड़ी क्षेत्र में कई बार सैन्य तनाव की स्थिति भी बनी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का यह बयान अमेरिका की घरेलू राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है, क्योंकि वे अक्सर अपने कार्यकाल की विदेश नीति को सफल बताते रहे हैं। वहीं ईरान की सरकार लगातार यह कहती रही है कि अमेरिका की नीतियों की वजह से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी।
फिलहाल ट्रंप के दावे और ईरान के इनकार के बाद एक बार फिर दोनों देशों के पुराने विवाद चर्चा में आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।







