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March 22, 2026 11:56 am

ट्रंप की ईरान को 48 घंटे की अल्टीमेटम: होर्मुज़ खोलो, वरना पावर प्लांट्स तबाह!

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर सख्त और विनाशकारी अल्टीमेटम दे दिया है। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा है कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से, बिना किसी खतरे या बाधा के नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के विभिन्न पावर प्लांट्स (बिजली संयंत्रों) पर हमला करेगा और उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में लिखा:

“If Iran doesn’t FULLY OPEN, WITHOUT THREAT, the Strait of Hormuz, within 48 HOURS from this exact point in time, the United States of America will hit and obliterate their various POWER PLANTS, STARTING WITH THE BIGGEST ONE FIRST!”

यह पोस्ट शनिवार रात (21 मार्च 2026) को लगभग 23:44 GMT पर की गई थी, यानी भारत के समय के अनुसार रविवार की सुबह। इसका मतलब है कि ईरान के पास अब 23 मार्च 2026 की रात तक (लगभग 48 घंटे) का समय है, वरना अमेरिकी सेना ईरान के सबसे बड़े बिजली संयंत्र से हमले की शुरुआत कर सकती है।

होर्मुज़ स्ट्रेट क्यों इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से रोजाना लगभग 20-25% वैश्विक तेल और काफी मात्रा में प्राकृतिक गैस गुजरती है। ईरान ने अमेरिका-इजराइल के हमलों के जवाब में इस स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और कई देशों में ईंधन संकट गहरा रहा है। ट्रंप का यह अल्टीमेटम इसी बंदी को तत्काल खत्म करने की मांग है।

ईरान का जवाब: “हमारी बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो अमेरिका की क्षेत्रीय एनर्जी सुविधाएं तबाह”

ईरान ने ट्रंप की धमकी का तुरंत जवाब दिया। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान के किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर (ऊर्जा, बिजली, पानी डिसेलिनेशन प्लांट्स) पर हमला किया, तो ईरान क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल से जुड़ी सभी ऊर्जा, आईटी और पानी की सुविधाओं को निशाना बनाएगा। ईरानी मीडिया ने इसे “आखिरी चेतावनी” बताया है।

इजराइल पर ईरान का बड़ा हमला: डिमोना परमाणु ठिकाने के पास मिसाइलें

इसी बीच, ईरान ने इजराइल के दक्षिणी इलाकों में भारी मिसाइल हमला किया। मुख्य निशाने थे:

  • डिमोना (Dimona) – इजराइल का प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर और न्यूक्लियर फैसिलिटी के करीब।
  • अराद शहर।

ईरानी मीडिया ने दावा किया कि यह हमला इजराइल के परमाणु ठिकानों पर सीधा था, जबकि इजराइल ने कहा कि न्यूक्लियर साइट को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, हमले से दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और करीब 47 से 100 लोग घायल हुए हैं। एक 10 साल के बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। इजराइल की एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे आयरन डोम) कई मिसाइलों को रोकने में नाकाम रही, जिसे ईरान ने “इसराइल की आकाश रक्षा की कमजोरी” बताया है।

इजराइल ने जवाब में तेहरान के केंद्रीय इलाकों पर हमले किए हैं।

युद्ध का 23वां दिन: स्थिति और गंभीर

यह घटनाक्रम अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान युद्ध के 23वें दिन आया है। ट्रंप कुछ दिन पहले “युद्ध खत्म करने” और “घटाने” की बात कर रहे थे, लेकिन अब एकदम सख्त रुख अपनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अल्टीमेटम या तो युद्ध को और भड़काएगा या फिर किसी बड़े डील की आखिरी कोशिश हो सकती है।

  • वैश्विक प्रभाव: तेल की कीमतें 150 डॉलर/बैरल के पार पहुंच सकती हैं।
  • क्षेत्रीय खतरा: अगर पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो ईरान में अंधेरा छा जाएगा, जबकि जवाबी हमलों से खाड़ी देशों की डिसेलिनेशन प्लांट्स (जो पीने का पानी बनाती हैं) खतरे में पड़ सकती हैं।
  • परमाणु खतरा: डिमोना जैसे ठिकानों पर हमले से परमाणु संकट की आशंका बढ़ गई है। IAEA ने “अधिकतम सैन्य संयम” की अपील की है।

मध्य पूर्व में तनाव अब चरम पर है। अगले 48 घंटे निर्णायक साबित होंगे – या तो होर्मुज़ खुल जाएगा, या फिर युद्ध एक नए और खतरनाक चरण में प्रवेश कर जाएगा। दुनिया की नजरें अब ट्रंप के अगले कदम और ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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