वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत पर भारी टैरिफ लगाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस कदम की अमेरिकी कांग्रेस के सांसद ब्रैड शर्मन ने कड़ी आलोचना की है और इसे ‘अनुचित और चौंकाने वाला’ करार दिया है। शर्मन का कहना है कि ट्रंप भारत के खिलाफ टैरिफ बढ़ाने के लिए बहाने तलाश रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है।
यह दावा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। ट्रंप प्रशासन ने दावा किया है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे टैरिफ लगा रहा है, जिसके जवाब में वे प्रतिशोधी कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि, सांसद ब्रैड शर्मन ने एक बयान में कहा, “ट्रंप फिर से भारत पर टैरिफ बढ़ाने का बहाना ढूंढ रहे हैं। यह कदम न केवल अनुचित है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी हानिकारक साबित होगा। भारत हमारा महत्वपूर्ण साझेदार है और ऐसे कदमों से दोनों देशों के बीच विश्वास कम होगा।”
शर्मन, जो कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद हैं, ने ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय, सहयोगी देशों से दूर कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि ट्रंप के इस प्रस्तावित कदम की जांच की जाए और इसे रोका जाए। शर्मन ने पहले भी भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की वकालत की है और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ उनके मजबूत रिश्ते हैं।
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी भारत पर स्टील और एल्युमिनियम जैसे उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया था, जिसके जवाब में भारत ने अमेरिकी उत्पादों जैसे बादाम और मोटरसाइकिल पर प्रतिशोधी टैरिफ लगाए थे। अब 2026 में दोबारा सत्ता में आने के बाद ट्रंप फिर से ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत ऐसे कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत-अमेरिका व्यापार असंतुलन और बढ़ सकता है, जहां 2025 में द्विपक्षीय व्यापार $200 बिलियन को पार कर चुका है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारत अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन वार्ता में भी व्यापार संबंधों पर चर्चा हुई थी।






