नई दिल्ली: देश के सर्राफा बाजार में इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों के बीच हलचल तेज हो गई है। बीते कुछ दिनों में सोने के दाम में करीब ₹3,666 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गई है। वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही और इसमें ₹6,166 की तेजी के साथ इसकी कीमत करीब ₹2.28 लाख प्रति किलोग्राम तक जा पहुंची है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में यह तेजी वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक तनाव के कारण आई है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनकी मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद में बढ़ोतरी और ब्याज दरों से जुड़े संकेत भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोना खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बनी हुई है।
इस तेजी का असर आम उपभोक्ताओं पर भी साफ दिख रहा है। शादी-ब्याह के सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी करने वाले लोगों को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। ज्वैलर्स का कहना है कि ऊंची कीमतों के कारण ग्राहकों की संख्या में थोड़ी कमी आई है, लेकिन निवेश के नजरिए से लोग अब भी खरीदारी कर रहे हैं।
इसी बीच सरकार ने विदेशी ज्वैलरी आयात को लेकर नियमों को सख्त करने के संकेत दिए हैं। अब विदेश से सोने के जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य हो सकता है, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध आयात पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह अस्थिर बनी रहती हैं, तो इनकी कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, सोने-चांदी की इस तेजी ने बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है और निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय माना जा रहा है, जहां सही निर्णय उन्हें अच्छा फायदा दिला सकता है।







