Kolkata ED Raid: व्यापारी के घर चल रही रेड में नोटों की गिनती जारी, 17 करोड़ की हो चुकी है बरामदगी

 
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कोलकाता (Kolkata) के गार्डनरीच इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक यहां एक कारोबारी के घर पर ईडी ने छापा मारा है। अब तक 17 करोड़ रुपये कैश बरामद किए जा चुके हैं। कैश की गिनती अब भी जारी है।

कोलकाता।  कोलकाता (Kolkata) के गार्डनरीच इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के घर पर ईडी ने छापा मारा है। इस दौरान अब तक 17 करोड़ रुपये कैश बरामद हो चुके हैं। नोट गिनने के लिए 8 मशीनें लगाई गई हैं। कैश की गिनती अब भी जारी है। ईडी की टीम ने कोलकाता में 6 जगहों पर रेड की कार्रवाई की है। सात सदस्यीय ईडी की टीम में दो महिला अधिकारी के अलावा दो बैंक अधिकारी भी शामिल थे।

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मोबाइल गेम ऐप धोखाधड़ी केस में पड़ा छापा
जानकारी के मुताबिक मोबाइल गेमिंग ऐप के जरिए लोगों के खातों से पैसे उड़ाने का मामला सामने आया था। इसी सिलसिले में ईडी ने कार्रवाई की है। मोबाइल गेम ऐप फ्रॉड का मामला दो साल पहले का बताया जा रहा है। इस बारे में ईडी से शिकायत की गई थी।

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फेडरल बैंक के अफसरों ने की थी शिकायत
पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ने आईपीसी की धारा 420, 406, 409, 468, 469, 471, 34 के तहत पिछले साल 15 फरवरी को आमिर खान व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। फेडरल बैंक के अधिकारियों द्वारा चीफ मेट्रोफोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत की थी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया।

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लोगों के साथ ऐसे की गई ठगी 
आमिर खान ने E-Nuggets नामक एक मोबाइल गेमिंग एप्लिकेशन लॉन्च किया था, जिसे जनता को धोखा देने के इरादे से डिजाइन किया गया था। शुरुआत में यूजर को को कमीशन के साथ इनाम भी दिया जाता था। वॉलेट में शेष राशि को किसी भी समय निकाला जा सकता है। इससे शुरुआत में उन्होंने यूजर का विश्वास जीता। इससे ज्यादा कमीशन और ज्यादा संख्या में पर्चेज ऑर्डर के लिए लोगों ने निवेश करना शुरू कर दिया।

ऐसा करके उन्होंने लोगों से अच्छी खासी रकम वसूल ली। इसके बाद अचानक एप से सिस्टम अपग्रेडेशन, एलईए जांच जैसे किसी न किसी बहाने से पैसा निकालने पर रोक लगा दी गई। बाद में प्रोफाइल की जानकारी समेत सभी डेटा को ऐप सर्वर से मिटा दिया गया, जिसके बाद यूर्जर को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। ईडी के छापे में पता चला कि उक्त संस्थाएं नकली खातों का उपयोग कर रही थीं।

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