धौलपुर, 24 सितंबर 2025: धौलपुर और करौली जिले में प्रस्तावित धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व परियोजना के विरोध में आज सरमथुरा के कन्हैया पैलेस में एक विशाल महापंचायत और रैली का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने एकजुट होकर इस परियोजना के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
महापंचायत में वक्ताओं ने टाइगर रिजर्व परियोजना के स्थानीय लोगों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र के गरीब निवासियों की आजीविका पर गंभीर संकट आ सकता है। स्थानीय लोग मुख्य रूप से छोटी कृषि जोत, खेतिहर मजदूरी और खनन कार्यों के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। परियोजना के तहत उनकी खेती की जमीन अधिग्रहित होने, पशुओं के चारागाह समाप्त होने और जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से वंचित होने का खतरा है। वक्ताओं ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह परियोजना लोगों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करेगी, जो उनके लिए अस्वीकार्य है।
सभा में यह भी मांग उठी कि धौलपुर-करौली क्षेत्र को संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल किया जाए और वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत पात्र लोगों को पट्टे प्रदान किए जाएं। इसके साथ ही, गांव स्तर पर 11 सदस्यीय ग्राम संघर्ष समितियों और तहसील व जिला स्तर पर ‘गांव बचाओ, जमीन बचाओ’ संघर्ष समितियों के गठन का निर्णय लिया गया।
महापंचायत के बाद एक विशाल रैली निकाली गई, जो कन्हैया पैलेस से शुरू होकर सरमथुरा के एसडीएम कार्यालय तक पहुंची। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री और राजस्थान सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में टाइगर रिजर्व परियोजना को रद्द करने और क्षेत्र को पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की गई।
सभा की अध्यक्षता गेलरी सरपंच श्री सीताराम ने की, जबकि मंच संचालन श्री मोहन सिंह गुर्जर, जगदीश रावत और काँसोटीखेड़ा ने किया। महापंचायत में मोहन सिंह गुर्जर, सुरेश चंद सेन (जिला अध्यक्ष, सेन समाज), डॉ. रामस्वरूप, सियाराम मीना (पूर्व डीईओ), रामेश्वर दयाल खिन्नौट, किशन सिंह सरपंच, रामपति (पूर्व बैंक मैनेजर), अचल सिंह गुर्जर, द्वारिका ठेकेदार, भुट्टो खान, वचन सिंह सरपंच, संजय कुमार जाटव (विधायक), गुरप्रीत सिंह सांगा, लोकेश फोगाट, अजय दिगोड़ी (पत्रकार) सहित हजारों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में, सभापति के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ महापंचायत और रैली का समापन हुआ। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने टाइगर रिजर्व परियोजना को रद्द नहीं किया, तो ‘गांव बचाओ, जमीन बचाओ’ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।







