शादी के बाद जब ज़िंदगी नई दिशा में बढ़ती है, तो कई जिम्मेदारियां साथ आती हैं. उन्हीं में से एक सबसे बड़ी चिंता होती है, बच्चों की पढ़ाई का खर्च. मौजूदा दौर में शिक्षा का खर्च तेजी से बढ़ा है. स्कूल की फीस, ड्रेस, किताब-कॉपी, ट्रांसपोर्ट और स्कूल के कार्यक्रम, इन सब पर हर महीने अच्छा-खासा खर्च आता है.
ऐसे में अगर पहले से कुछ बचत की योजना बना ली जाए, तो आगे चलकर ये खर्च बोझ नहीं बनते. पोस्ट ऑफिस की एक खास स्कीम इस समस्या का हल बन सकती है. इसमें तय समय तक छोटी-छोटी रकम जमा करने पर आपको मैच्योरिटी पर एक मोटी रकम मिलती है, जो बच्चों की पढ़ाई जैसे बड़े खर्च के लिए काफी होती है.
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छोटी बचत से बनेगा बड़ा फंड
पोस्ट ऑफिस की पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) स्कीम लंबे समय के निवेश के लिए एक भरोसेमंद विकल्प है. यह योजना सुरक्षित भी है और इसमें अच्छा रिटर्न भी मिलता है. इस स्कीम में हर साल कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. इस योजना की समाप्ति अवधि 15 साल है.
यानी अगर आप 15 साल तक नियमित निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको एक बड़ी राशि मिलती है, जो बच्चों की हायर एजुकेशन जैसे खर्चों में मददगार साबित हो सकती है. फिलहाल इस स्कीम पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कि टैक्स फ्री भी है. यही वजह है कि यह स्कीम खासकर मध्यम वर्ग के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है.
70 रुपये रोज़ की बचत से तैयार होगा 6.78 लाख का फंड
अगर आप रोज़ाना सिर्फ 70 रुपये की बचत करते हैं, तो महीने में 2,100 रुपये जमा कर सकते हैं. इस हिसाब से सालभर में आप 25,200 रुपये निवेश करेंगे. यदि ये निवेश 15 साल तक लगातार किया जाए, तो कुल जमा राशि होगी लगभग 3.75 लाख रुपये. अब इसमें जोड़ा जाए 7.1% सालाना ब्याज, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 6.78 लाख रुपये मिल सकते हैं. यह रकम उस समय बहुत काम आती है, जब बच्चे 10वीं या 12वीं के बाद किसी बड़े कोर्स या कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं और एकमुश्त राशि की जरूरत होती है.
बिना रिस्क कर सकते हैं निवेश
पीपीएफ सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजना है, इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित है. यह बैंक की तरह बाज़ार की उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता. साथ ही इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट दोनों ही इनकम टैक्स से पूरी तरह छूट के दायरे में आते हैं, यानी करदाता को इसमें टैक्स बेनिफिट भी मिलता है.बचत करने वालों के लिए यह डबल फायदा है, एक ओर नियमित छोटी बचत से बड़ा फंड बनता है, दूसरी ओर टैक्स में भी राहत मिलती है.
क्यों है यह स्कीम बेहतर विकल्प?
- पढ़ाई के खर्च के लिए समय पर फंड तैयार हो जाता है.
- ब्याज दर तय होती है, जिससे अनुमान लगाना आसान होता है.
- निवेश सुरक्षित है, सरकारी गारंटी के साथ.
- टैक्स छूट भी मिलती है.
- छोटे बजट में भी लंबी अवधि की मजबूत योजना बनती है.
