डिजिटल डेस्क, पटना।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (नितिन नबीन) ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी कार्यशैली और संवाद में एक नया जोश और बदलाव का संकेत दिया है। 20 जनवरी 2026 को निर्विरोध चुने गए 45 वर्षीय नितिन नवीन पार्टी के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर उभरे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में ‘नितिन नवीन युग’ की चर्चा जोरों पर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक मौके पर उन्हें ‘मिलेनियल बॉस’ करार देते हुए कहा, “पार्टी के मामलों में अब नितिन नवीन की बात सर्वोपरि होगी। मैं मानता हूं कि वे मेरे बॉस हैं।” यह बयान पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
नितिन नवीन ने पदभार संभालते हुए अपने पहले संबोधन में कहा, “यह एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है। मैं पार्टी के ग्राउंड लेवल कार्यकर्ताओं की आवाज को मजबूत करने और संगठन को और अधिक ऊर्जावान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।” उन्होंने बंगाल, तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों में पार्टी का विस्तार करने पर विशेष फोकस करने का संकेत दिया है।
पदभार ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी सहित कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बिहार के पटना पश्चिम से पांच बार विधायक रहे नितिन नवीन को ग्राउंड वर्कर के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने 2006 में पिता के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा था।
विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन का चुनाव पार्टी को 2026-2029 के चुनावी चक्र में युवा वोटरों और डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है। पदभार संभालते ही उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव के लिए विनोद तावड़े को प्रभारी और शोभा करंदलाजे को सह-प्रभारी बनाकर संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत भी कर दी है।






