जंग अब समंदर तक पहुंच गई है! हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास ईरानी नौसेना के युद्धपोत IRIS Dena (या IRIS Deना) पर अमेरिकी पनडुब्बी से भयानक टॉरपीडो हमला हुआ है। यह हमला अमेरिका-ईरान युद्ध के विस्तार का सबसे बड़ा संकेत है, जो अब मध्य पूर्व से निकलकर हिंद महासागर तक फैल चुका है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में पुष्टि की है कि अमेरिकी फास्ट-अटैक सबमरीन ने एक टॉरपीडो (Mark 48) दागकर इस ईरानी फ्रिगेट को डुबो दिया। उन्होंने इसे “Quiet Death” बताया और कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब अमेरिकी पनडुब्बी ने दुश्मन के जहाज को टॉरपीडो से डुबोया है।
हमले की मुख्य जानकारी:
- जहाज पर कुल लगभग 180 नाविक सवार थे।
- श्रीलंका की नौसेना और बचाव टीमों ने अब तक 87 शव बरामद किए हैं।
- 32 लोग बचाए गए हैं, जिन्हें गalle के अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है (कई की हालत गंभीर बताई जा रही है)।
- 100 से ज्यादा (कुछ रिपोर्टों में 101 से 148 तक) लोग अभी भी लापता हैं, और खोज अभियान जारी है।
- जहाज भारत से लौट रहा था, जहां यह Milan 2026 नौसेना अभ्यास में हिस्सा ले चुका था।
श्रीलंका के अधिकारियों ने डिस्ट्रेस कॉल मिलने पर तुरंत जहाजों और हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। समुद्र में तेल के धब्बे और लाइफ राफ्ट मिले हैं, जो जहाज के डूबने की पुष्टि करते हैं। ईरान ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन यह हमला युद्ध को नई दिशा दे सकता है।
अमेरिका और इजराइल पहले से ही ईरान पर हवाई हमले कर रहे हैं, और अब समुद्री मोर्चा भी खुल गया है। ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले जारी रखे हैं। स्थिति बेहद तनावपूर्ण है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अब क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर तक फैल सकता है।
अधिक अपडेट के लिए समाचार स्रोतों पर नजर रखें। यह घटना पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।






