मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “सच्चा मित्र” करार दिया और कहा कि उनके साथ भरोसे और समझ से भरी बातचीत हुई है। यह बयान कुआलालंपुर में 8 फरवरी 2026 को हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आया, जहां दोनों नेताओं ने भारत-मलेशिया संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि यह बैठक और दस्तावेजों का आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण, रणनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने याद दिलाया कि दोनों देशों के बीच 1957 से लंबे ऐतिहासिक संबंध हैं, लेकिन 2024 में इन्हें व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) का दर्जा दिया गया।
उन्होंने भारत और मलेशिया के गहरे ऐतिहासिक संबंधों, मजबूत लोगों-से-लोगों के जुड़ाव और लगातार बढ़ती आर्थिक साझेदारी को रेखांकित किया। अनवर इब्राहिम ने कहा, “हम सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करेंगे। व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देंगे। यह वास्तव में व्यापक है और हमें विश्वास है कि दोनों सरकारों तथा विदेश मंत्रियों की प्रतिबद्धता से इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।”
11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान दोनों प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में 11 महत्वपूर्ण दस्तावेजों और समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया। इनमें सेमीकंडक्टर सहयोग, स्वास्थ्य देखभाल, रक्षा, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार निरोधक, शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण (TVET), कृषि, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध जैसे क्षेत्र शामिल हैं। अनवर इब्राहिम ने इसे सामान्य द्विपक्षीय समझौतों से आगे का कदम बताया।
व्यापार और स्थानीय मुद्रा पर जोर मलेशियाई प्रधानमंत्री ने भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की मजबूत इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यापार मात्रा 8.59 बिलियन डॉलर से आगे बढ़ सकती है। स्थानीय मुद्राओं—भारतीय रुपए और मलेशियाई रिंगिट—के इस्तेमाल को उन्होंने एक अद्भुत उपलब्धि बताया, जो व्यापार को आसान और मजबूत बनाएगा।






